फिल्म सिटी की रफ्तार थमी: आठ महीने बाद कॉलम के लिए खोदे गड्ढे भी पाटने लगे, 500 करोड़ की परियोजना फिर सवालों में

फिल्म सिटी की रफ्तार थमी: आठ महीने बाद कॉलम के लिए खोदे गड्ढे भी पाटने लगे, 500 करोड़ की परियोजना फिर सवालों में

रायपुर। नवा रायपुर में बनने वाली प्रस्तावित चित्रोत्पला इंटरनेशनल फिल्म सिटी एक बार फिर चर्चा में है। जिस जगह पर फिल्म सिटी की नींव के लिए कॉलम डालने की तैयारी में गड्ढे खोदे गए थे, अब उन्हीं गड्ढों को मिट्टी डालकर पाटा जा रहा है। करीब आठ महीने से निर्माण पूरी तरह बंद पड़ा है। ऐसे में करीब 500 करोड़ रुपए की इस परियोजना की रफ्तार पर फिर सवाल उठने लगे हैं।

साइट पर शुरुआती काम के दौरान पेड़ों की कटाई की गई थी। इसके बाद कॉलम के लिए कई जगह खुदाई कराई गई। उस समय माना जा रहा था कि निर्माण तेजी से आगे बढ़ेगा, लेकिन काम शुरू होने के कुछ ही दिन बाद मशीनें और मजदूर दोनों साइट से हट गए। अब वहां दोबारा मिट्टी भरने का काम शुरू होने से लोगों के बीच चर्चा है कि जब निर्माण आगे बढ़ना ही नहीं था, तब इतनी जल्दबाजी में खुदाई क्यों कराई गई।

जानकारी के मुताबिक फिल्म सिटी करीब 95 से 100 एकड़ जमीन पर बनाई जानी है। इसके लिए पर्यटन विभाग ने करीब तीन साल तक जमीन की तलाश की थी। जमीन तय होने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई और निर्माण एजेंसी ने साइट पर शुरुआती काम भी शुरू कर दिया। पेड़ों की कटाई, कॉलम के लिए खुदाई और अन्य प्रारंभिक काम हुए, लेकिन करीब 10 दिन बाद पूरा काम बंद हो गया। तब से साइट पर कोई बड़ा निर्माण नहीं हो सका।

Read More एक गंध, 500 मीटर का पीछा और फिर खुला राज… ‘बाघा’ ने पुलिस को पहुंचाया आरोपी के घर

अब हालात यह हैं कि जिन स्थानों पर कॉलम खड़े होने थे, वहां बने गड्ढों को वापस भरने की नौबत आ गई है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि निर्माण जल्द शुरू होना था तो खुदाई को सुरक्षित रखने के बजाय उसे मिट्टी से भरने की जरूरत क्यों पड़ रही है। लंबे समय तक खुले रहने से गड्ढों के खराब होने या बारिश के कारण नुकसान की आशंका भी बताई जा रही है।

Read More वर्दी की आड़ में 20 लाख का गबन: कांकेर के जंगलों में नक्सली डंप से मिला था कैश, सरकारी खाते में डालने के बजाय दो तत्कालीन डीएसपी ने आपस में बांटा

फिल्म सिटी को राज्य की बड़ी परियोजनाओं में गिना जा रहा था। दावा किया गया था कि इसके बनने से फिल्म निर्माण, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। परियोजना की घोषणा के समय इसे नवा रायपुर की पहचान से जोड़कर भी पेश किया गया था। हालांकि जमीन पर अब तक शुरुआती काम से आगे कोई प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।

 

करीब आठ महीने से काम बंद रहने के कारण परियोजना की समय-सीमा पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस काम की शुरुआत जोर-शोर से हुई थी, वही अब ठहराव का शिकार नजर आ रहा है। पहले खुदाई हुई, फिर काम रुका और अब गड्ढे भी पाटे जा रहे हैं। 

Tags:

Latest News

प्रिंसिपल के फर्जी हस्ताक्षर-सील से 5 प्राध्यापकों का तबादला! तारबाहर पुलिस ने दर्ज किया केस प्रिंसिपल के फर्जी हस्ताक्षर-सील से 5 प्राध्यापकों का तबादला! तारबाहर पुलिस ने दर्ज किया केस
साय कैबिनेट के बड़े फैसले: अतिथि व्याख्याताओं को राहत, पूर्व अग्निवीरों को 10% आरक्षण; ‘हनुमान अंश’ भी टैक्स फ्री
तीन दिन तक प्रसव का इंतजार, गर्भवती और गर्भ में पल रहे 8 माह के बच्चे ने तोड़ा दम
गुटखा कारोबारी के ठिकाने पर डीजीजीआई की दबिश, ‘सितार’ गुटखा के मिले 50 से ज्यादा बोरे
स्कूलों की बिल्डिंग का हिसाब नहीं दे पाए डीईओ, अक्टूबर का वेतन रोकने की मिली चेतावनी
पोस्टमॉर्टम में खुला हत्या का राज, दहेज के लिए नवविवाहिता का गला घोंटा, फिर फांसी पर लटकाकर पहुंचे अस्पताल
हथकड़ी गायब, मुलाकात जारी… VIDEO वायरल हुआ तो जेल विभाग ने 3 प्रहरियों पर कसा शिकंजा
बच्चों की चीख सुन दौड़ा स्टेशन मास्टर, ट्रेन के सामने जाने से चंद सेकेंड पहले महिला को बचाया; CCTV में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
जेल के बाहर नशे का खेल? मंगौड़ी सेंटर से गांजा, नशीली गोलियां और 72 हजार की नकदी बरामदगी का दावा
अफसरों को करोड़ों का पेट्रोल, जनता बेबस: छत्तीसगढ़ में सरकारी बस सेवा की मांग फिर तेज
हाईवे पर स्टंट और सड़क पर बर्थडे: कोर्ट ने कहा- अब गाइडलाइन जरूरी, पुलिस की कार्रवाई सिर्फ वायरल वीडियो तक सीमित 
वर्दी की आड़ में 20 लाख का गबन: कांकेर के जंगलों में नक्सली डंप से मिला था कैश, सरकारी खाते में डालने के बजाय दो तत्कालीन डीएसपी ने आपस में बांटा