5 लाख में एक दुर्लभ मामला! 3 महीने के मासूम के पेट से निकला अधूरा जुड़वां भ्रूण, सफल सर्जरी के बाद बच्चा स्वस्थ

5 लाख में एक दुर्लभ मामला! 3 महीने के मासूम के पेट से निकला अधूरा जुड़वां भ्रूण, सफल सर्जरी के बाद बच्चा स्वस्थ

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में डॉक्टरों ने एक बेहद दुर्लभ चिकित्सीय मामले में तीन महीने के मासूम की सफल सर्जरी कर उसके पेट से अविकसित भ्रूण (Fetus in Fetu) निकालकर उसकी जान बचाई है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति दुनिया में लगभग पांच लाख बच्चों में किसी एक में देखने को मिलती है। सफल ऑपरेशन के बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, शाहजहांपुर जिले के कलान क्षेत्र निवासी दंपति ने अपने तीन महीने के बेटे के पेट में असामान्य रूप से उभरी हुई गांठ देखी। शुरुआत में स्थानीय डॉक्टर से जांच कराई गई, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर बच्चे को बरेली के एक उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। वहां अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन कराने पर पेट में गांठ होने की पुष्टि हुई और ऑपरेशन की सलाह दी गई।

जांच में सामने आया दुर्लभ मेडिकल केस
परिजनों को बाद में रामपुर गार्डन स्थित विदुराज अस्पताल ले जाया गया, जहां पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. राजीव अग्रवाल ने जांच रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया। उन्होंने आशंका जताई कि यह सामान्य गांठ नहीं, बल्कि 'फीट्स इन फीटू' (Fetus in Fetu) नाम की दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति हो सकती है। आवश्यक तैयारियों और रक्त की व्यवस्था के बाद गुरुवार रात बच्चे की सर्जरी की गई, जिसमें उसके पेट से अविकसित भ्रूण को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया गया हैं।

Read More FBI के रडार पर होशियारपुर का SHO ? 3.82 करोड़ की रंगदारी के आरोपों के बीच पंजाब पुलिस का बड़ा एक्शन, भेजा गया पुलिस लाइन

आखिर क्या है 'Fetus in Fetu'?
डॉ. राजीव अग्रवाल के अनुसार, गर्भावस्था के शुरुआती छह से बारह सप्ताह के दौरान भ्रूण के विकास में होने वाली अत्यंत दुर्लभ गड़बड़ी के कारण कभी-कभी जुड़वां भ्रूणों में से एक का विकास रुक जाता है और वह दूसरे भ्रूण के शरीर के भीतर ही रह जाता है। इसे चिकित्सा विज्ञान में 'Fetus in Fetu' कहा जाता है। समय के साथ यह अविकसित भ्रूण गांठ जैसा दिखाई देता है और जांच के बाद ही इसकी सही पहचान हो पाती है।

Read More फिल्म सिटी की रफ्तार थमी: आठ महीने बाद कॉलम के लिए खोदे गड्ढे भी पाटने लगे, 500 करोड़ की परियोजना फिर सवालों में

डॉक्टरों का कहना है कि दुनिया भर में अब तक ऐसे लगभग 300 मामले ही दर्ज किए गए हैं। डॉ. अग्रवाल के अनुसार, बरेली में यह इस तरह का दूसरा मामला है। उन्होंने बताया कि इससे पहले वर्ष 2010 में भी उन्होंने इसी प्रकार के एक दुर्लभ मामले की सफल सर्जरी की थी। फिलहाल, ऑपरेशन के बाद मासूम की हालत स्थिर है और वह चिकित्सकीय निगरानी में स्वस्थ हो रहा है।

Tags:

Latest News

'युवाओं के लिए कैसे आदर्श?' समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी, 10 लाख का जुर्माना 'युवाओं के लिए कैसे आदर्श?' समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी, 10 लाख का जुर्माना
5 लाख में एक दुर्लभ मामला! 3 महीने के मासूम के पेट से निकला अधूरा जुड़वां भ्रूण, सफल सर्जरी के बाद बच्चा स्वस्थ
आदिवासी विकास पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड: ढाई वर्षों की उपलब्धियों का ब्यौरा, मंत्री रामविचार नेताम ने गिनाए बड़े बदलाव
50 वर्षो से निवासरत ग्रामीणों को 3 दिन का अल्टीमेटम , सरपंच व सचिव की मनमानी
150 बच्चों के लिए सिर्फ 3 शिक्षक! नाराज छात्रों ने स्कूल में जड़ा ताला, पढ़ाई पूरी तरह ठप
रायपुर में 'पुष्पा' स्टाइल खैर तस्करी का भंडाफोड़! दो ट्रक से ज्यादा लकड़ी जब्त, गोदाम सील, तस्कर फरार
रथयात्रा से पहले गुजरात ATS का बड़ा ऑपरेशन! 5 संदिग्ध हिरासत में, जैश-ए-मोहम्मद से संभावित कनेक्शन की जांच
BREAKING: डीजल चोरों को छोड़ना पड़ा महंगा! ASI उमेश उपाध्याय सस्पेंड, SSP का बड़ा एक्शन
फेसबुक पर BJP विधायक पुरंदर मिश्रा के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी, शिकायत के बाद युवक पर FIR दर्ज
सुंदरकांड को लेकर गुरुग्राम में सियासी घमासान! BJP कार्यालय के बाहर कांग्रेस के कार्यक्रम पर प्रशासन सख्त, 300 मीटर तक धारा 144 लागू
राजधानी के स्कूल में खूनी बवाल! पानी फेंकने की कहासुनी के बाद 11वीं के छात्र पर चाकू से हमला
दुर्ग के स्वामी आत्मानंद स्कूल में रहस्यमयी घटनाओं से हड़कंप! 3 दिन में 11 छात्राएं बेहोश, डॉक्टर भी नहीं लगा पा रहे कारण का पता