छत्तीसगढ़ में अब रोड पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को भी लेना होगा ट्रेड लाइसेंस , चौड़ी सड़क पर ज्यादा फीस

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय क्षेत्रों में अब सड़क किनारे कारोबार करना मुफ्त नहीं रहेगा। राज्य सरकार ने ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है और इसका शुल्क दुकान के सामने की सड़क की चौड़ाई के आधार पर तय होगा। छत्तीसगढ़ नगर पालिका व्यापार अनुज्ञापन नियम 2025 के तहत यह व्यवस्था राज्य के सभी 199 निकायों, यानी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में लागू हो गई है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यापार अनुज्ञापन से जुड़ी विसंगतियों को दूर करना और राजस्व जुटाना है। नया नियम लागू होने के बाद अब सभी दुकानदारों को अनिवार्य रूप से लाइसेंस लेना होगा, अन्यथा कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

सड़क की चौड़ाई के आधार पर तय होगा शुल्क

नियमों के अनुसार, सड़क किनारे स्थित दुकानों के लिए वार्षिक लाइसेंस शुल्क प्रति वर्गफुट के हिसाब से लिया जाएगा, जो सड़क की चौड़ाई पर निर्भर करेगा।

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  •  7.5 मीटर से कम चौड़ी सड़क: नगर निगम क्षेत्र में 4 रुपये, पालिका में 3 रुपये और नगर पंचायत में 2 रुपये प्रति वर्गफुट वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है।
  •   7.5 से 15 मीटर चौड़ी सड़क: निगम क्षेत्र में यह शुल्क 5 रुपये, पालिका में 4 रुपये और नगर पंचायत में 3 रुपये तय किया गया है।
  •   15 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़क: सबसे चौड़ी सड़क पर निगम में 6 रुपये, जबकि पालिका और नगर पंचायत में 4-4 रुपये प्रति वर्गफुट शुल्क लगेगा।

गुमटी और वाहनों पर भी लागू होगा लाइसेंस शुल्क

अब तक गुमटी, कच्ची दुकान या वाहन से व्यापार करने वालों पर कोई लाइसेंस शुल्क नहीं लगता था, लेकिन अब उन्हें भी शुल्क देना होगा।

  •   गुमटी कच्ची दुकान: निगम क्षेत्र में 250 रुपये, पालिका में 150 रुपये और नगर पंचायत में 100 रुपये प्रति वर्गफुट वार्षिक शुल्क देना अनिवार्य होगा।
  •   व्यावसायिक वाहन: मिनी ट्रक, पिकअप, वैन और जीप जैसे वाहनों के लिए निगम में 400 रुपये, पालिका में 300 रुपये और नगर पंचायत में 200 रुपये सालाना शुल्क लगेगा। ऑटो या तिपहिया वाहनों के लिए निगम में 250 रुपये, पालिका में 200 रुपये और नगर पंचायत में 150 रुपये प्रति वाहन वार्षिक शुल्क तय किया गया है।

 

बाजार की लोकेशन के हिसाब से भी फीस

लाइसेंस फीस बाजार की लोकेशन पर भी निर्भर करेगी। निगम क्षेत्र के बड़े बाजारों में 6 रुपये, पालिका में 3 रुपये और नगर पंचायत में 2 रुपये प्रति वर्गफुट वार्षिक फीस लगेगी। वहीं, मोहल्ला व कॉलोनी की दुकानों के लिए यह शुल्क निगम में 4 रुपये, पालिका में 3 रुपये और नगर पंचायत में 2 रुपये प्रति वर्गफुट फिक्स किया गया है। राज्यभर में एक जैसी यह व्यवस्था लागू होने के बाद अब किसी भी सड़क किनारे या वाहन गुमटी से व्यापार करने वाले को अनिवार्य रूप से संबंधित नगरीय निकाय से ला

इसेंस लेना होगा।

 

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