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रायपुर में सरकारी जमीन बनी कचरा और नशेड़ियों का अड्डा, करोड़ों के प्रोजेक्ट कागजों में दबे
रायपुर। राजधानी रायपुर के बीचों-बीच स्थित करोड़ों की सरकारी जमीनें पिछले 5 से 8 सालों से खाली पड़ी धूल फांक रही हैं। इन बेशकीमती जमीनों को लेकर प्रशासन ने कई बार बड़े-बड़े दावे किए और योजनाएं बनाईं, लेकिन हकीकत में एक ईंट भी नहीं रखी जा सकी। आलम यह है कि शहर के पॉश इलाकों में मौजूद यह जमीनें अब कचरा डंप करने के काम आ रही हैं या फिर यहां नशेड़ियों ने अपना ठिकाना बना लिया है। राजनीतिक खींचतान और अधिकारियों की सुस्ती के कारण विकास के प्रोजेक्ट्स फाइलों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
शहर के पुराने बस स्टैंड और पुराने निगम मुख्यालय जैसी प्राइम लोकेशन की जमीनों पर पीपीपी मोड से निर्माण की बातें तो बहुत हुईं, लेकिन मामला अब भी अधर में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस लापरवाही का फायदा आसपास के लोग उठा रहे हैं और धीरे-धीरे इन जमीनों पर अवैध कब्जे होने लगे हैं।
पंडरी बस स्टैंड: 5 साल से केवल योजनाएं
पंडरी का पुराना बस स्टैंड भाठागांव शिफ्ट होने के बाद से ही सूना पड़ा है। करीब 5 सालों से प्रशासन यह तय नहीं कर पाया है कि इस जमीन का क्या करना है। पहले इसे पीपीपी मोड पर देने की बात हुई, फिर व्यापारी संगठनों ने इसकी मांग की। कपड़ा मार्केट, दवा बाजार और मोबाइल संघ अपनी-अपनी जरूरत बता चुके हैं, लेकिन सरकार किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
मालवीय रोड: 8 साल से अटका है काम
मालवीय रोड स्थित नगर निगम का पुराना दफ्तर 2016 से खाली है। 8 साल पहले यहां मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का सपना दिखाया गया था। बाद में इसे बदलकर कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की फाइल चली, लेकिन आज तक एक भी प्रस्ताव जमीन पर नहीं उतरा।
भैंसथान: अवैध कब्जे की चपेट में जमीन
भैंसथान की खाली जमीन का हाल सबसे बुरा है। कभी यहां बड़ा कॉम्प्लेक्स तो कभी वुमन हॉस्टल बनाने की चर्चा होती है। फैसला नहीं होने से यहां आसपास के लोग गाड़ियां खड़ी कर रहे हैं और गंदगी फैला रहे हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
नगर निगम रायपुर के अपर आयुक्त विनोद पांडेय ने बताया कि इन जगहों के लिए नई योजनाएं तैयार की जा रही हैं। पंडरी बस स्टैंड के एक हिस्से में वुमन हॉस्टल बनाने का विचार है। पुराने दफ्तर और भैंसथान के लिए भी मंजूरी मिलते ही जल्द काम शुरू कराया जाएगा।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
