स्कूल शिक्षा विभाग में प्रमोशन पर बड़ी खबर: 30 अप्रैल 2025 की सूची से गायब थे नाम, अब 13 व्याख्याता और प्रधान पाठक बनेंगे प्राचार्य, DPI ने दिए रिव्यू DPC के आदेश
रायपुर.छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) से प्रमोशन को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से अपने प्रमोशन की बाट जोह रहे व्याख्याताओं और पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठकों के लिए विभाग के दरवाजे फिर से खुल गए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने पिछले साल जारी हुई प्रमोशन लिस्ट की प्रशासनिक त्रुटियों को सुधारते हुए 13 शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ कर दिया है। इन शिक्षकों के लिए अब रिव्यू डीपीसी (Review DPC) आयोजित की जाएगी, जिसके लिए डीपीआई ने संबंधित जिलों को महज एक सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि पिछले वर्ष 30 अप्रैल 2025 को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्राचार्य (हाई स्कूल) के पद पर पदोन्नति के लिए एक विस्तृत सूची जारी की गई थी। लेकिन, इस पदोन्नति प्रक्रिया में एक बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई थी। विभागीय सूची में कई पात्र व्याख्याताओं और प्रधान पाठकों (पूर्व माध्यमिक शाला) के नाम ही शामिल नहीं थे। वरिष्ठता, योग्यता और बेदाग सर्विस रिकॉर्ड होने के बावजूद सूची से नाम नदारद होने के कारण इन शिक्षकों में भारी असंतोष था। अपने हक के लिए इन प्रभावित शिक्षकों ने विभाग के आला अधिकारियों और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के समक्ष अपना अभ्यावेदन (Representation) प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगाई थी।
अभ्यावेदन की जांच में 13 पाए गए पात्र
शिक्षकों द्वारा लगातार उठाए गए इस मुद्दे और प्रशासनिक पारदर्शिता की मांग को गंभीरता से लेते हुए, डीपीआई ने प्राप्त सभी अभ्यावेदनों के सूक्ष्म परीक्षण के निर्देश दिए थे। विभागीय छानबीन, लिपिकीय त्रुटियों के मिलान और दस्तावेजों की जांच के बाद यह बात सामने आई कि 13 शिक्षक ऐसे हैं, जो प्रमोशन के सभी निर्धारित मापदंड पूरी तरह से पूरे करते हैं। डीपीआई की इस स्क्रूटनी के बाद इन 13 शिक्षकों के दावे को वैध मान लिया गया है।
DPI का सख्त आदेश, एक हफ्ते में मांगे रिकॉर्ड
अब इन छूटे हुए शिक्षकों को उनका हक दिलाने के लिए विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रिव्यू डीपीसी (Departmental Promotion Committee) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रशासनिक कसावट दिखाते हुए ताजा आदेश जारी किया है, जिसमें संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देशित किया गया है कि वे इन 13 शिक्षकों की पिछले पांच वर्षों की गोपनीय चरित्रावली (ACR), चल-अचल संपत्ति का विवरण, और सबसे महत्वपूर्ण—विभागीय जांच (DE) या कोर्ट केस न होने का अद्यतन अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) तत्काल उपलब्ध कराएं। डीपीआई ने इसके लिए सिर्फ एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है, ताकि प्रक्रिया में और देरी न हो।
जल्द जारी होगा प्रमोशन ऑर्डर
जैसे ही इन शिक्षकों के सर्विस रिकॉर्ड और गोपनीय दस्तावेज संचालनालय पहुंचेंगे, रिव्यू डीपीसी की बैठक आयोजित कर इनके प्रमोशन पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी। शिक्षा विभाग के सूत्रों का मानना है कि इस पारदर्शी प्रक्रिया के पूरे होते ही जल्द ही इन 13 शिक्षकों के लिए प्राचार्य पद पर पदोन्नति का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया जाएगा। इस फैसले से उन शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है, जो पिछले एक साल से प्रशासनिक लेटलतीफी के कारण दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। अब दस्तावेजों के सत्यापन के साथ ही जल्द ही इनके कंधों पर प्राचार्य पद की अहम जिम्मेदारी होगी।
