विधायक रामकुमार टोप्पो को बचाने राजस्व सचिव का दबाव खत्म कराई गई तहसीलदार संघ की हड़ताल सीसीटीवी फुटेज मिटाने का जल्द होगा बड़ा खुलासा
सूरजपुर। सरगुजा जिले में राजस्व अधिकारियों और तहसीलदार संघ की हड़ताल आज अचानक खत्म हो गई। आम जनता को लग रहा है कि मामला शांत हो गया है लेकिन इसके पीछे की कहानी कुछ और ही है। असली वजह राजस्व सचिव का भारी दबाव है। संघ और पीड़ित तहसीलदार को डरा धमका कर यह हड़ताल खत्म कराई गई है।
इसका मुख्य उद्देश्य सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो को बचाना है। विधायक पहले ही फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आरोपों में घिरे हुए हैं। अब उनके ऊपर एक सरकारी अधिकारी के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट करने और सबूत मिटाने का गंभीर आरोप लगा है।
क्या है पूरा मामला
यह पूरी घटना 27 मई 2026 की है। मैनपाट की उप तहसील राजापुर के नायब तहसीलदार तुषार मानिक अपने कार्यालय में मौजूद थे। विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थक एक कैदी को पैरोल दिलाने के लिए अपूर्ण दस्तावेज लेकर पहुंचे। तहसीलदार ने बिना गवाह और पूरे कागज के उस शोध क्षमता प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने से साफ मना कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि नियम के अनुसार गवाहों को पेश किया जाए।
इस बात से विधायक नाराज हो गए। उन्होंने तहसीलदार को राजापुर तिराहे पर बुलाया। वहां सार्वजनिक जगह पर सबके सामने तहसीलदार से गाली गलौज और मारपीट की गई। एक भूतपूर्व सैनिक और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह कानून को हाथ में लेने से पूरा प्रशासनिक अमला हैरान है।
फर्जी एफआईआर और मिटाए गए सबूत
मामले को दबाने के लिए विधायक ने अपने रसूख का पूरा इस्तेमाल किया। आरोप है कि उन्होंने महिलाओं को आगे करके तहसीलदार के खिलाफ सीतापुर थाने में फर्जी एफआईआर दर्ज करा दी। घटना के सबसे बड़े सबूत राजापुर तिराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे थे। यह बात सामने आई है कि विधायक ने बलपूर्वक सारे फुटेज और वीडियो डिलीट करवा दिए ताकि मारपीट का कोई साक्ष्य ना बचे।
पीड़ित तहसीलदार की एसपी से मांग
इस घटना के बाद पीड़ित नायब तहसीलदार ने सरगुजा पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने पुलिस से कुछ अहम मांगे की हैं:
घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की हार्ड ड्राइव तुरंत जब्त की जाए।
अगर फुटेज डिलीट मिलते हैं तो विधायक पर बीएनएस की धाराओं के तहत साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज किया जाए।
दबाव में आकर महिलाओं द्वारा लिखाई गई फर्जी एफआईआर को फौरन रद्द किया जाए।
जल्द होगा बड़ा खुलासा
हड़ताल खत्म होने के पीछे अब एक बड़ा राजनीतिक खेल सामने आ रहा है। राष्ट्रीय जगत विजन जल्द ही इस पूरे मामले का बहुत बड़ा खुलासा करने वाला है। सेक्रेटरी और अन्य बड़े अधिकारियों ने किस किस को फोन करके दबाव बनाया इसकी पूरी कॉल डिटेल सामने आने वाली है।
यह भी साफ होगा कि विधायक ने मारपीट के सबूत मिटाने के लिए कैमरों और डिवाइस से छेड़छाड़ कैसे करवाई। फिलहाल हड़ताल खत्म होने से प्रशासनिक महकमे में दबी जुबान से बहुत सी चर्चाएं हो रही हैं और पीड़ित अधिकारी अब भी न्याय के इंतजार में है।
