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आबकारी विभाग में पोस्टिंग का बड़ा खेल: अपर आयुक्त ने विभाग सचिव को रखा अंधेरे में, सरकार ने रोकी नियुक्तियां
रायपुर। छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में नई नियुक्तियों और पोस्टिंग को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अपर आयुक्त पीएल साहू पर आरोप है कि उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों और विभाग की सचिव आर संगीता को अंधेरे में रखकर आबकारी उप निरीक्षकों के पोस्टिंग ऑर्डर जारी कर दिए। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अपर आयुक्त ने मनचाहे स्थानों पर पदस्थापना कर अपनों को फायदा पहुंचाया। मामला सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सरकार ने इन सभी नियुक्तियों पर रोक लगा दी है।
सेक्रेटरी ने जताई अनभिज्ञता तो खुला खेल
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पोस्टिंग ऑर्डर जारी होने की जानकारी विभाग की सचिव आर संगीता के पास पहुंची। सचिव आर संगीता ने इस पूरी प्रक्रिया पर हैरानी जताई और कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं दी गई थी। जब उन्होंने अपर आयुक्त पीएल साहू से इस बारे में जवाब तलब किया, तो उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि फाइल पर तो आप ही के साइन हैं। वहीं सचिव का कहना है कि उन्हें संज्ञान में लिए बिना ही ये आदेश निकाले गए हैं।विभागीय मंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।
85 पदों की भर्ती प्रक्रिया पर लगा ब्रेक
राज्य सरकार ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी पीएससी 2024 के माध्यम से चयनित 85 आबकारी उप निरीक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कुछ तकनीकी कारणों से इन नियुक्ति आदेशों को रद्द किया जा रहा है। हालांकि विभाग ने यह साफ नहीं किया है कि वे तकनीकी कारण क्या हैं। बता दें कि नए साल की शुरुआत में इन चयनित उम्मीदवारों के दस्तावेजों का सत्यापन और शारीरिक माप की प्रक्रिया होनी थी, जिस पर अब अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
सिस्टम में मची खलबली और जांच शुरू
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विभाग के भीतर पोस्टिंग को लेकर बड़े पैमाने पर लेनदेन की चर्चा भी गरम है। अपर आयुक्त द्वारा गुपचुप तरीके से ऑर्डर जारी करना इसी ओर इशारा कर रहा है। पीएल साहू द्वारा अपने स्तर पर ही ट्रांसफर और पोस्टिंग का खेल रचने से विभाग की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब जांच इस बात की हो रही है कि क्या इस खेल में विभाग के कुछ और कर्मचारी भी शामिल थे। आबकारी मंत्री ने साफ किया है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चयनित उम्मीदवारों परेशान...
इस प्रशासनिक खींचतान का सबसे बुरा असर उन 85 अभ्यर्थियों पर पड़ा है जिन्होंने कड़ी मेहनत से परीक्षा पास की थी। उम्मीदवारों का कहना है कि अधिकारियों की आपसी लड़ाई और लापरवाही की सजा उन्हें मिल रही है। नई नियुक्तियों की संसोधन आदेश जारी हो चुकी है । अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या सरकार दोबारा पारदर्शी तरीके से पदस्थापना सूची जारी करेगी या यह मामला और लंबा खिंचेगा। साथ ही दोषी अधिकारियों पर सरकार क्या कार्यवाही करेगी..
डिस्क्लेमर:
यह समाचार रिपोर्टिंग विभागीय सूत्रों और वर्तमान घटनाक्रम पर आधारित है। नियुक्तियों के संबंध में अंतिम निर्णय राज्य शासन द्वारा लिया जाएगा।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
