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2 फरवरी के बाद नहीं खुले दरवाजे, बदबू ने खोली मौत की परतें, राजगीर में 4 जैन श्रद्धालुओं की रहस्यमयी मौत
राजगीर। बिहार के नालंदा जिले स्थित राजगीर की दिगंबर जैन धर्मशाला में आज उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक बंद कमरे से तेज दुर्गंध आने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा खोलते ही सामने का मंजर चौंकाने वाला था, कमरे के भीतर चार शव फंदे से लटके मिले। मृतकों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने सभी मौतों को प्रथम दृष्टया संदिग्ध माना है।
31 जनवरी को पहुंचे, 2 फरवरी के बाद नहीं दिखे
पुलिस और धर्मशाला प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, चारों पर्यटक 31 जनवरी को धार्मिक यात्रा के उद्देश्य से राजगीर पहुंचे थे। धर्मशाला के रजिस्टर में दर्ज विवरण के मुताबिक, उन्हें आखिरी बार 2 फरवरी को परिसर में देखा गया था। इसके बाद कई दिनों तक कमरा नहीं खुला। आज बदबू आने पर प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी।
बेंगलुरु से आए थे, पहचान की प्रक्रिया जारी
धर्मशाला इंचार्ज मुकेश जैन ने बताया कि चारों जैन धर्म के अनुयायी थे और उन्होंने नेपाल यात्रा के बाद राजगीर आने की जानकारी दी थी। एक मृतक की पहचान जी. आर. नाग प्रसाद, निवासी बेंगलुरु के रूप में आधार कार्ड से हुई है। शेष तीन मृतकों के दस्तावेज नहीं मिले हैं। पुलिस उनकी पहचान और परिजनों से संपर्क की कोशिश कर रही है।
कमरा सील, फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी राजगीर, थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। कमरे को सील कर दिया गया है और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया है। फंदे की स्थिति, कमरे की बनावट और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
हत्या या सामूहिक आत्महत्या? हर एंगल पर जांच
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मामला सामूहिक आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य साजिश छिपी है। कमरे में संघर्ष के संकेत, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और मृतकों के संपर्क में आए लोगों की जानकारी खंगाली जा रही है। फिलहाल, किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगा, ऐसा पुलिस अधिकारियों का कहना है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
थाना प्रभारी रमन कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण और समय को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। रिपोर्ट से यह भी पता चलेगा कि चारों की मौत एक ही समय पर हुई या अलग-अलग।
धार्मिक नगरी में फैली दहशत, कई सवाल कायम
चार जैन श्रद्धालुओं की एक साथ मौत ने राजगीर जैसी शांत धार्मिक नगरी को झकझोर कर रख दिया है। बंद कमरे, कई दिनों तक किसी को भनक न लगना और एक साथ चार मौतें इन सभी पहलुओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच के नतीजों पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
