जेल से पहले अस्पताल पहुंच गए आरोपी डॉक्टर! फर्जी ट्रांसफर केस में गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत, मेडिकल रिपोर्ट पर उठे सवाल
बलौदाबाजार। फर्जी स्थानांतरण आदेश मामले में पुलिस की कार्रवाई के बीच ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो डॉक्टरों की मेडिकल जांच के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई। दोनों ने पेट दर्द और दस्त की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चार आरोपियों में दो डॉक्टर, मेडिकल के दौरान बिगड़ी हालत
पलारी थाना क्षेत्र में सामने आए कथित फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले में पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें डॉक्टर करण देवांगन और डॉक्टर राजेश सेन भी शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को मुलाहिजा और मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लेकर पहुंची थी। इसी दौरान दोनों ने स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की शिकायत की। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला लिया गया।
जेल भेजे जाने से पहले अस्पताल में भर्ती
दोनों आरोपियों के अस्पताल में भर्ती होने के बाद मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल यह उठ रहा है कि गिरफ्तारी के बाद अचानक सामने आई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण न्यायिक प्रक्रिया में कितनी देरी होगी। हालांकि, किसी आरोपी की बीमारी को महज संदेह के आधार पर गलत ठहराना उचित नहीं होगा। अस्पताल में भर्ती करने का फैसला डॉक्टरों की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।
डॉक्टर बोले- जांच के आधार पर कराया गया भर्ती
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अशोक वर्मा के मुताबिक, पलारी अस्पताल से मिली मेडिकल रिपोर्ट और चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर दोनों आरोपियों को अस्पताल में भर्ती किया गया। उन्होंने बताया कि फिलहाल दोनों की स्थिति ठीक है। जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दोबारा न्यायालय के समक्ष पेश किया जा सकता है।
फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले में जांच जारी
फर्जी स्थानांतरण आदेश से जुड़े इस मामले में पुलिस की कार्रवाई अभी जारी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी आदेश तैयार करने, इस्तेमाल करने और उसे आगे पहुंचाने में किस-किस की भूमिका रही। फिलहाल, इस मामले में गिरफ्तार दो डॉक्टरों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और आगे की कानूनी प्रक्रिया उनकी मेडिकल स्थिति तथा न्यायालय के निर्देशों के आधार पर आगे बढ़ेगी। अब पूरे मामले में निगाह इस बात पर है कि मेडिकल रिपोर्ट क्या कहती है और दोनों आरोपियों को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस की अगली कार्रवाई क्या होती है।
