जतमई-घटारानी से राजिमधाम तक महिला चोर गिरोह का नेटवर्क! कार से रेकी, भीड़ में पलक झपकते उड़ाते थे जेवर; 7 महिलाएं गिरफ्तार
गरियाबंद/महासमुंद। सावन में धार्मिक स्थलों पर उमड़ रही भीड़ के बीच श्रद्धालुओं के जेवर और पर्स पर नजर रखने वाले एक कथित अंतरराज्यीय महिला चोर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जतमई, घटारानी और राजिमधाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर घूम-घूमकर रेकी करने के आरोप में नागपुर की 7 महिलाओं को पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिलाएं कार से धार्मिक स्थलों तक पहुंचती थीं, पहले भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की रेकी करतीं और फिर मौका मिलते ही महिलाओं के गले से सोने की चेन, कानों के आभूषण और पर्स पर हाथ साफ कर देती थीं।
जतमई धाम में 3 लाख की चेन चोरी से खुला राज
मामला 9 अगस्त का है। आरंग निवासी नीलम चक्रधर जतमई धाम दर्शन के लिए पहुंची थीं। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर उनके गले से करीब 2 तोले की सोने की चेन कथित तौर पर चोरी कर ली गई। चेन की कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है। घटना के बाद महिला ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
CCTV ने पहुंचाया कार तक
जांच के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध कार के बारे में सुराग मिला। CCTV फुटेज और कार के नंबर को आधार बनाकर पुलिस ने संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई। इसी दौरान महासमुंद के पास पुलिस ने MP 49 SB 2471 नंबर की कार को रोककर तलाशी ली। कार में सवार सात महिलाओं को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान कार से चोरी से जुड़ी सामग्री भी बरामद हुई है।
नागपुर और आसपास की रहने वाली हैं आरोपी महिलाएं
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि हिरासत में ली गई सभी महिलाएं महाराष्ट्र के नागपुर और आसपास के इलाकों की रहने वाली हैं। पुलिस के मुताबिक, पकड़ी गई महिलाओं की पहचान रोनक पातनकर, सीमा पात्रे, विद्या उफाड़े, मुस्कान पात्रे, मीना खवड़े, नंदिनी पात्रे और छाया उफाड़े के रूप में हुई है।
भीड़ बनती थी निशाना, कार से होती थी रेकी
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरोह की महिलाएं पहले कार से धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंचती थीं। वहां भीड़ का जायजा लेने के बाद अलग-अलग जगहों पर फैल जाती थीं। इसके बाद दर्शन के लिए कतार में खड़ी या भीड़ में चल रही महिलाओं को निशाना बनाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के दौरान गले की चेन, कानों के आभूषण और पर्स चोरी किए जाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने जतमई, घटारानी और राजिमधाम के अलावा किन-किन धार्मिक स्थलों पर वारदात की है।
बड़े अंतरराज्यीय गिरोह से कनेक्शन की जांच
सातों महिलाओं के एक ही इलाके से होने और कार से अलग-अलग धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के कारण पुलिस अब मामले को व्यापक स्तर पर जांच रही है।जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या आरोपी किसी बड़े अंतरराज्यीय चोरी गिरोह से जुड़ी हैं या स्थानीय स्तर पर किसी अन्य व्यक्ति की मदद लेती थीं।
श्रद्धालुओं से पुलिस की अपील
घटना के बाद धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है और सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने मोबाइल, पर्स और सोने के आभूषणों को लेकर विशेष सावधानी बरतें। अब पुलिस की जांच का अगला फोकस इस बात पर है कि इन सात महिलाओं ने इससे पहले कितनी वारदातों को अंजाम दिया और इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।
