रतनपुर नगर पालिका में 1.68 करोड़ का टेंडर घोटाला: फर्जी कागजात वाले ठेकेदार पर मेहरबानी, अफसर दबाए बैठे हैं फाइलें

रतनपुर नगर पालिका में 1.68 करोड़ का टेंडर घोटाला: फर्जी कागजात वाले ठेकेदार पर मेहरबानी, अफसर दबाए बैठे हैं फाइलें

  • हाईकोर्ट के आदेश की उड़ी धज्जियां;
  • डिप्टी सीएम अरुण साव और केंद्रीय मंत्री ने किया था भूमिपूजन       

बिलासपुर/रतनपुर: जिले की रतनपुर नगर पालिका बड़े टेंडर को लेकर चर्चा में है। रतनपुर में नए कार्यालय की बिल्डिंग निर्माण के लिए जारी किए गए टेंडर में जमकर मनमानी की गई है। हद तो ये है कि अधिकारियों ने हाईकोर्ट के आदेशों को भी किनारे कर दिया और फर्जी कागजात के आधार पर चहेते ठेकेदार को काम सौंप दिया । 

अब जब इस पूरे मामले की शिकायत हुई और विभाग ने जांच शुरू हुई, तो यहां के अफसर गोलमोल जवाब देकर फाइलें ही दबाकर बैठ गए ।

आखिरी चेतावनी: तुरंत भेजें फाइलें, वरना होगी कार्रवाई 

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग (बिलासपुर संभाग) ने रतनपुर नगर पालिका के सीएमओ को अंतिम चेतावनी दी है। विभाग के कार्यपालन अभियंता ने नोटिस जारी कर कहा है कि बार-बार मांगने के बाद भी जांच के लिए दस्तावेज नहीं दिए जा रहे हैं। फोन पर और आमने-सामने बोलने का भी अफसरों पर कोई असर नहीं हो रहा है।

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पत्र में साफ लिखा है कि अगर अब तुरंत 'स्पेशल मैसेंजर' के जरिए शिकायत से जुड़ी फाइलें नहीं भेजी गईं, तो इसे काम में रुकावट माना जाएगा और सीधे जिम्मेदार अफसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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शिकायत के बाद भी कान पर जूं नहीं रेंजी

इस पूरे घोटाले का खुलासा बिलासपुर निवासी विक्रांत तिवारी की शिकायत से हुआ। उन्होंने नवा रायपुर स्थित मुख्यालय में मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद जांच के लिए लगातार पत्र लिखे गए। जनवरी और फरवरी के महीनों में लगातार रिमाइंडर भेजकर दस्तावेज मांगे गए। लेकिन रतनपुर पालिका के अफसरों ने हर आदेश को ठेंगा दिखा दिया। फाइलें न मिलने से जांच लटकी हुई है 

हाईकोर्ट के आदेशों को कर दिया दरकिनार

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि टेंडर की प्रक्रिया में उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के निर्देशों का भी खुला उल्लंघन किया गया है। शिकायत में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि नियम-विरुद्ध तरीके से निविदा बुलाई गई और ऐसे ठेकेदार का चयन कर लिया गया जिसके कागजात पूरी तरह से गलत थे। न्यायपालिका के आदेशों की अनदेखी यह बताती है कि स्थानीय स्तर पर अफसरों और ठेकेदारों का गठजोड़ कितने बेखौफ तरीके से काम कर रहा है।

नेताओं ने किया भूमिपूजन, अफसरों ने शुरू कर दिया खेल

इस पूरे प्रोजेक्ट की बात करें तो, जून 2025 में रतनपुर नगर पालिका के नए दफ्तर के लिए करीब 1 करोड़ 67 लाख 70 हजार रुपये स्वीकृत हुए थे। यह बिल्डिंग वार्ड नंबर-15 में जूनाशहर मिनी आईटीआई के सामने बननी तय हुई। इसके बाद, अगस्त 2025 में आयोजित भव्य समारोह में डिप्टी सीएम अरुण साव और केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने इसका भूमिपूजन भी किया था। लेकिन, नेताओं के जाते ही टेंडर प्रक्रिया घोटाले का खेल शुरू हो गया। नियमों को ताक पर रखकर चहेते ठेकेदार को फायदा पहुंचा दिया गया। फिलहाल इस पूरे फर्जीवाड़े और टेंडर की बंदरबांट पर रतनपुर नगर पालिका प्रशासन ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली है। 

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