रेलवे अस्पताल के सामने कांग्रेस नेता पर हुए जानलेवा हमला का फरार आरोपी चढा पुलिस के हत्थे
बिलासपुर : तारबाहर थाना क्षेत्र के रेलवे अस्पताल के पास कांग्रेस नेता पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हमला पांच लाख रुपये की सुपारी के लालच में हत्या करने की नीयत से किया गया था। मामले में पुलिस ने पहले ही एक आरोपी और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर चुकी है l
सुबह निकले थे टहलने, तभी घेरकर किया गया हमला
घटना 4 जुलाई की सुबह करीब 6.45 बजे की है। शिशिर कश्यप ने तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता श्याम कश्यप सुबह टहलने के लिए निकले थे। रेलवे अस्पताल के पास तीन युवक मुंह पर कपड़ा बांधकर पहुंचे। उनके हाथ में डंडे और नुकीली वस्तु थी। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और श्याम कश्यप पर हमला कर दिया। घटना के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज से मिली अहम जानकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। तारबाहर पुलिस और एसीसीयू की टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान की गई और संदेहियों के बारे में जानकारी जुटाई गई।
पांच-पांच लाख रुपये का दिया गया था लालच
पुलिस ने पहले नितिन टेकाम और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गौरेला-पेंड्रा के निवासी दीपक तिवारी ने बिलासपुर के एक व्यक्ति की हत्या करने के लिए पांच-पांच लाख रुपये देने का लालच दिया था। इसी के बाद आरोपी बिलासपुर पहुंचे और दीपक तिवारी के कहने पर रेलवे अस्पताल के पास श्याम कश्यप पर हमला किया गया।
घर पहुंचते ही पुलिस ने दबोचा
मामले में फरार चल रहे समता नगर निवासी आंचल साहिल बोले उर्फ साहिल सोनकर को लगातार गौरेला पुलिस तलाश कर रही थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपने घर आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर श्याम कश्यप पर डंडे से हमला करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल डंडा बरामद कर लिया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। कार्रवाई में तारबाहर थाना प्रभारी निरीक्षक रविशंकर तिवारी, उपनिरीक्षक रामनरेश यादव, आरक्षक महेंद्र सोनकर, रूपलाल चंद्रा, भागीरथी गेदले सहित साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
