सड़क पर उतरे छात्र तो हरकत में आया सिस्टम! 48 घंटे में शुरू हुई केमिस्ट्री की पढ़ाई, स्थायी शिक्षक की कवायद तेज
आजमगढ़। स्कूल में शिक्षक की कमी को लेकर छात्रों की नाराजगी आखिरकार रंग लाई। आजमगढ़ के सगड़ी क्षेत्र स्थित स्मिथ इंटर कॉलेज, अजमतगढ़ में केमिस्ट्री शिक्षक की मांग को लेकर सड़क पर उतरे विद्यार्थियों के प्रदर्शन के महज 48 घंटे के भीतर प्रबंधन ने वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था कर दी। इसके साथ ही लंबे समय से प्रभावित हो रही केमिस्ट्री की पढ़ाई दोबारा शुरू हो गई है।
शिक्षक की मांग को लेकर सड़क पर उतरे थे छात्र
बुधवार को स्कूल खुलते ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने केमिस्ट्री शिक्षक की नियुक्ति की मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया था। विद्यार्थियों ने स्कूल का गेट बंद कर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग रखी। छात्रों का कहना था कि शिक्षक के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और इसका सीधा असर परीक्षा की तैयारी पर पड़ सकता है। मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने भी संज्ञान लिया और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को समस्या का जल्द समाधान कराने के निर्देश दिए।
48 घंटे में निजी स्तर पर हुई व्यवस्था
प्रशासन के निर्देश और छात्रों के विरोध के बाद विद्यालय प्रबंधन ने तत्काल वैकल्पिक रास्ता निकाला। प्रधानाचार्य नकुल राव के मुताबिक, निजी संसाधनों से केमिस्ट्री के शिक्षक की व्यवस्था कर दी गई है और अब कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। हालांकि यह व्यवस्था स्थायी नहीं है। विद्यालय की ओर से स्थायी शिक्षक की नियुक्ति के लिए DIOS को अधियाचन भी भेजा गया है।
फिजिक्स की पढ़ाई पर भी मंडरा रहा संकट
केमिस्ट्री की समस्या सुलझ गई है, लेकिन स्कूल के सामने एक और चुनौती खड़ी हो गई है। फिजिक्स की सहायक अध्यापक सीमा यादव के प्रसूता अवकाश पर जाने के कारण आने वाले दिनों में इस विषय की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए फिजिक्स के लिए भी जल्द वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था करने पर काम किया जा रहा है।
छात्रों की आवाज बनी दबाव की वजह
केमिस्ट्री शिक्षक की मांग को लेकर विद्यार्थियों का प्रदर्शन भले ही कुछ समय चला, लेकिन इसका असर तेजी से दिखाई दिया। प्रशासन के हस्तक्षेप और प्रबंधन की पहल के बाद महज दो दिनों में कक्षाएं दोबारा शुरू हो गईं। अब छात्रों की नजर स्थायी शिक्षक की नियुक्ति पर है। वहीं, विद्यालय प्रबंधन के सामने चुनौती यह है कि केमिस्ट्री के बाद फिजिक्स की पढ़ाई भी बिना रुकावट जारी रहे।
