यमुना में मौत का मंजर: मथुरा नाव हादसे के बाद रेस्क्यू तेज, 20 मोटरबोट के साथ जारी तलाश, 7 श्रद्धालु अब भी लापता, 10 शव पंजाब रवाना
मथुरा। Mathura में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। National Disaster Response Force (NDRF) और State Disaster Response Force (SDRF) की टीमें शनिवार सुबह फिर से 20 मोटरबोट के साथ नदी में उतरीं, जहां लापता श्रद्धालुओं की तलाश तेज कर दी गई है। हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 7 श्रद्धालु अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार, बचाव अभियान करीब 10 किलोमीटर के दायरे में चलाया जा रहा है, लेकिन लापता लोगों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। शुक्रवार को हुए इस हादसे में मोटरबोट पैंटून पुल के पीपे से टकराकर पलट गई थी, जिससे उसमें सवार 37 से अधिक श्रद्धालु यमुना में गिर गए। मौके पर मौजूद स्थानीय गोताखोरों और बचाव दल ने 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
यह श्रद्धालु Ludhiana से आए थे और वृंदावन के केशीघाट से देवराहा बाबा के दर्शन के लिए यमुना पार कर रहे थे। तेज बहाव और निर्माण कार्य के दौरान असंतुलन के कारण यह हादसा हुआ। हादसे के बाद से ही लापता श्रद्धालुओं के परिजन नदी किनारे डटे हुए हैं और अपनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं।
इस बीच, जिन 10 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, उनके शव पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस के जरिए पंजाब भेज दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और हादसे के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों की तलाश तब तक जारी रहेगी, जब तक सभी का पता नहीं चल जाता।
