BJP विधायक को ‘नेता के PA’ बनकर लगाया चूना, डीजल के बहाने ठगों ने ऐंठे पैसे, रायपुर में हाईप्रोफाइल साइबर फ्रॉड से मचा हड़कंप
रायपुर: रायपुर में साइबर ठगों ने इस बार भाजपा विधायक को ही अपना निशाना बना लिया। खम्हारडीह थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में आरोपियों ने खुद को भाजपा के एक बड़े नेता का निजी सहायक (PA) बताकर विधायक पुरंदर मिश्रा से पैसों की मांग की। ठगों ने ऐसी कहानी गढ़ी कि विधायक पक्ष को शुरुआत में किसी तरह का संदेह नहीं हुआ और मदद के नाम पर रकम ट्रांसफर करा दी गई। घटना ने राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है कि साइबर अपराधी अब कितनी पेशेवर तरीके से लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने फोन कॉल के जरिए खुद को भाजपा के वरिष्ठ नेता से जुड़ा व्यक्ति बताया और रास्ते में फंसने, ड्राइवर से विवाद होने तथा तत्काल डीजल भरवाने की जरूरत का हवाला दिया। भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर कई भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें भी लगा रखी थीं। विधायक पुरंदर मिश्रा ने मानवता के नाते मदद करने का फैसला लिया और जगन्नाथ मंदिर के सेवक नारायण मिश्रा के माध्यम से आरोपी के खाते में दो किश्तों में करीब 10 हजार रुपये ट्रांसफर कराए। बाद में आरोपी द्वारा दोबारा पैसों की मांग किए जाने पर शक गहराया और पूरे मामले का खुलासा हुआ।
संदेह होने पर विधायक ने संबंधित नेता के कार्यालय से संपर्क किया, जहां पता चला कि उस नाम का कोई भी व्यक्ति वहां कार्यरत नहीं है। इसके बाद मामले की शिकायत खम्हारडीह थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर मोबाइल नंबर, बैंक खाते और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि आरोपी किसी संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो राजनीतिक पहचान और सोशल मीडिया प्रोफाइल का इस्तेमाल कर लोगों को ठग रहा है।
घटना के बाद विधायक पुरंदर मिश्रा ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान नंबर से पैसे मांगने पर तुरंत भरोसा न करें और पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान की पुष्टि जरूर करें। गौरतलब है कि राजधानी रायपुर में पिछले कुछ समय से साइबर ठगी और हाईप्रोफाइल अपराधों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। हाल ही में भाजपा नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूट की घटना भी सुर्खियों में रही थी। ऐसे मामलों ने सुरक्षा व्यवस्था और साइबर जागरूकता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
