सुप्रीम कोर्ट से बिक्रम सिंह मजीठिया को राहत: आय से अधिक संपत्ति मामले में मिली जमानत, 9 महीने बाद खुला जेल का रास्ता

सुप्रीम कोर्ट से बिक्रम सिंह मजीठिया को राहत: आय से अधिक संपत्ति मामले में मिली जमानत, 9 महीने बाद खुला जेल का रास्ता

चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में उन्हें जमानत दे दी है। मजीठिया पिछले करीब 9 महीनों से पटियाला जिले की नाभा जेल में बंद थे। जमानत की पुष्टि शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अर्शदीप सिंह क्लेर ने की है।

540 करोड़ से अधिक की संपत्ति का आरोप
यह मामला कथित तौर पर 540 करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है। आरोप है कि मजीठिया और उनकी पत्नी ने घरेलू और विदेशी कंपनियों के माध्यम से यह संपत्ति अर्जित की, जो उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक थी। यह अवधि वर्ष 2007 से 2017 के बीच की बताई जा रही है, जब मजीठिया विधायक और बाद में पंजाब सरकार में मंत्री रहे।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मजीठिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. एस. मुरलीधर और राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे की दलीलें सुनने के बाद जमानत मंजूर की।

Read More IPL 2026 Points Table: राजस्थान का धमाका, पंजाब को हराकर टॉप-3 में एंट्री, प्लेऑफ की रेस हुई और दिलचस्प....

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए मजीठिया को जमानत दी जा रही है। पीठ ने विशेष रूप से यह तथ्य ध्यान में रखा कि मजीठिया को एनडीपीएस मामले में वर्ष 2022 में जमानत मिल चुकी है, उस जमानत को रद्द कराने की राज्य सरकार की याचिका 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी, वर्तमान मामले में वे लंबे समय से हिरासत में हैं, पुलिस अपनी जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, ट्रायल कोर्ट शर्तें लगा सकता है।  हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष ट्रायल कोर्ट से जमानत पर कड़ी शर्तें लगाने का अनुरोध कर सकता है।

Read More हेट स्पीच पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: नई गाइडलाइन से इनकार, कहा- मौजूदा कानून ही पर्याप्त

हाईकोर्ट से मिली थी झटका, अब SC से राहत
मजीठिया ने यह याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर की थी, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि जांच में यदि अलग अपराध या बड़ी साजिश सामने आती है, तो दूसरी एफआईआर दर्ज करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है। यह एफआईआर पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज की थी, जो 7 जून 2025 को गठित विशेष जांच टीम (SIT) की रिपोर्ट पर आधारित थी। यह एसआईटी पहले से दर्ज एनडीपीएस मामले की जांच कर रही थी।

राजनीतिक बदले का आरोप
हाईकोर्ट में मजीठिया ने दलील दी थी कि यह मामला उसी एनडीपीएस केस से जुड़ा है, जिसमें उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है और उन्हीं तथ्यों के आधार पर दोबारा एफआईआर दर्ज करना राजनीतिक प्रतिशोध है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया था।

जेल में मुलाकात और सियासी हलचल
जमानत से पहले नाभा जेल में मजीठिया से मिलने डेरा ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों भी पहुंचे थे, जिससे राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई थीं। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद मजीठिया की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है, हालांकि कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। अब निगाहें ट्रायल कोर्ट की शर्तों और आने वाले मुकदमे की कार्यवाही पर टिकी हैं।

Tags:

Latest News

छत्तीसगढ़ का ओवरटाइम घोटाला: मजदूरों के पसीने की कमाई डकार गए अफसर, 115 करोड़ की लूट में ACB-EOW ने 7 को दबोचा छत्तीसगढ़ का ओवरटाइम घोटाला: मजदूरों के पसीने की कमाई डकार गए अफसर, 115 करोड़ की लूट में ACB-EOW ने 7 को दबोचा
Wildlife Crime in Mahasamund: मादा नीलगाय का शिकार, पकाने की तैयारी में थे आरोपी, वन विभाग की दबिश, 2 गिरफ्तार
West Bengal Results 2026: रुझानों में BJP की प्रचंड बढ़त, भवानीपुर में हाई-वोल्टेज मुकाबला; सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Korba Crackdown: ‘सजग कोरबा’ अभियान में अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई, 428 लीटर जब्त, 28 आरोपी गिरफ्तार, SP का अल्टीमेटम- अब नहीं चलेगा नशे का कारोबार
Lamti Dam Row: खैरागढ़ में उबाल, डुबान के डर से सड़क पर उतरे ग्रामीण, विकास बनाम विस्थापन पर बड़ा सवाल
धमतरी फायरिंग रेंज में बड़ा हादसा: 303 राइफल का चैंबर फटा, उड़ता शेल जवान के गले में धंसा, मची अफरा-तफरी...
Chhattisgarh School Education Transfers: 350 से अधिक तबादलों से मचा प्रशासनिक हलचल, मैनुअल साइन वाले आदेशों पर उठे सवाल
Raipur Crime News: अभनपुर में आबकारी कर्मचारी से लूट, आधी रात बदमाशों ने खेत में ले जाकर छीने सोने के जेवर
Raipur Water Crisis: जल संकट पर सियासत तेज, प्रदर्शन में उतरे कांग्रेसी; नगर निगम पर लापरवाही के आरोप
CG Naxal Operation: दंतेवाड़ा के जंगलों में विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद, सरेंडर के बाद खुल रहे नेटवर्क के राज
Assam Election Results 2026: रुझानों में BJP की बढ़त, हिमंत सरमा आगे; कांग्रेस को कई सीटों पर झटका
तमिलनाडु चुनाव 2026 में बड़ा सियासी धमाका: विजय की TVK का ऐतिहासिक उभार, CM स्टालिन समेत 15 DMK मंत्री पीछे