- Hindi News
- राज्य
- नोएडा में मानवता शर्मसार: पोस्टमॉर्टम हाउस में पैसों के लिए शव तक छूने से रोका, जमीन पर पड़ा रहा मृत...
नोएडा में मानवता शर्मसार: पोस्टमॉर्टम हाउस में पैसों के लिए शव तक छूने से रोका, जमीन पर पड़ा रहा मृतक का शरीर
नोएडा। उत्तर प्रदेश के सबसे आधुनिक शहरों में गिने जाने वाले नोएडा से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सेक्टर-94 स्थित पोस्टमॉर्टम हाउस में तैनात कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर चंद रुपयों की मांग पूरी न होने पर परिजनों को मृतक के शव को छूने तक नहीं दिया। इस अमानवीय व्यवहार ने स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्ट्रेचर नहीं मिला, घंटों जमीन पर पड़ा रहा शव
परिजनों का आरोप है कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव को रखने के लिए स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरन मृतक का शरीर घंटों तक खुले में जमीन पर पड़ा रहा। किसी भी स्तर पर संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई, जिससे शोकाकुल परिजनों को और अधिक मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी।
परिजनों ने खुद पैक किया शव
हालात इतने बदतर हो गए कि हताश परिजनों ने स्वयं अपने हाथों से शव को पैक किया। जिस काम के लिए अस्पताल कर्मियों की जिम्मेदारी तय है, उसे परिजनों को करने पर मजबूर होना पड़ा। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी विचलित करने वाला था।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने नोएडा की स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी अस्पतालों में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। मामला गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. नरेंद्र सिंह की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
जांच की मांग, कार्रवाई का इंतजार
घटना सेक्टर-39 थाना क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर-94 स्थित पोस्टमॉर्टम हाउस की बताई जा रही है। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर जांच और जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
