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बैटल ऑफ गलवान के शहीद कर्नल बाबू की मां उतरीं राजनीति में, BRS से दाखिल किया नामांकन
सूर्यापेट (तेलंगाना): वर्ष 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में शहीद हुए वीर योद्धा कर्नल बिकुमल्ला संतोष बाबू की मां बिकुमल्ली मंजुला अब जनसेवा के नए मिशन के साथ राजनीति के मैदान में उतर रही हैं। उन्होंने आगामी सूर्यापेट नगरपालिका चुनाव के लिए भारत राष्ट्र समिति (BRS) की ओर से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।
नामांकन के बाद मंजुला ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके शासनकाल में तेलंगाना ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ। सूर्यापेट कर्नल बाबू और उनके परिवार का गृह क्षेत्र रहा है, जहां से मंजुला जनता के बीच बदलाव की नई शुरुआत करना चाहती हैं।
11 फरवरी को होंगे स्थानीय निकाय चुनाव
तेलंगाना में 11 फरवरी को स्थानीय निकाय चुनाव आयोजित किए जाएंगे। म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और नगर पालिकाओं समेत 123 स्थानीय निकायों में करीब 3,000 पदों के लिए मतदान होगा। चुनाव परिणाम दो दिन बाद घोषित होने की संभावना है, जबकि मेयर और चेयरपर्सन के चुनाव 16 फरवरी को होंगे।
2021 में मिला था महावीर चक्र
नवंबर 2021 में राष्ट्रपति द्वारा मंजुला को अपने पुत्र की ओर से महावीर चक्र प्रदान किया गया था, जो युद्धकाल में दिया जाने वाला देश का दूसरा सर्वोच्च वीरता सम्मान है। कर्नल संतोष बाबू 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे और गलवान घाटी में दुश्मन के सामने ऑब्जर्वेशन पोस्ट स्थापित करने के दौरान उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस तक अपने जवानों का नेतृत्व करते हुए दुश्मन के हमले को नाकाम किया। अब उनकी मां बिकुमल्ली मंजुला राजनीति के जरिए समाजसेवा और जनकल्याण की उसी भावना को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ मैदान में हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
