राहु-शनि के दोषों से चाहिए मुक्ति? आज ही अपनाएं काल भैरव को प्रसन्न करने के ये 5 उपाय

नई दिल्ली। अध्यात्म की दुनिया में काल भैरव को भगवान शिव (Shiv Bhagwan) का ही एक अत्यंत शक्तिशाली और रौद्र रूप माना जाता है। बहुत से लोग भैरव बाबा के नाम से डरते हैं, लेकिन असल में वे अपने भक्तों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह हैं जो नकारात्मक ऊर्जा और शत्रुओं का नाश करते हैं। अगर आपके जीवन में बाधाएं आ रही हैं या मन में कोई अनजाना डर बैठा है, तो बाबा को प्रसन्न करना बहुत सरल है।

क्यों खास है काम भैरव?
काल भैरव को 'काशी का कोतवाल' कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं और शिव पुराण के अनुसार, भैरव बाबा न्याय के देवता हैं। वो समय (काल) के अधिपति हैं, इसलिए उनकी पूजा से किसी को समय की बर्बादी और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है। ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु के अशुभ प्रभावों को शांत करने के लिए भी काल भैरव की उपासना को सबसे अचूक माना गया है।

प्रसन्न करने के 5 सरल उपाय
भैरव बाबा को प्रसन्न करने के लिए किसी बहुत कठिन साधना की नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा की जरूरत होती है-

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काले कुत्ते को भोजन कराएं: भगवान भैरव का वाहन कुत्ता है। शास्त्रों के जानकारों के मुताबिक, अगर आप शनिवार या रविवार के दिन किसी काले कुत्ते को मीठी रोटी, बिस्कुट या दूध पिलाते हैं, तो इससे भैरव बाबा अत्यंत प्रसन्न होते हैं। यह उनके प्रति सेवा भाव प्रकट करने का सबसे सरल तरीका है।

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सरसों के तेल का दीपक: प्राचीन परंपराओं के अनुसार, शाम के समय किसी भैरव मंदिर में जाकर या घर में ही उनकी प्रतिमा के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना बहुत शुभ होता है। दीपक में थोड़े काले तिल डाल देने से जीवन की आर्थिक परेशानियां दूर होने लगती हैं।

विशेष मंत्र का जाप: एकाग्र मन से किया गया जाप सीधे ईश्वर तक पहुंचता है। आप इस सरल मंत्र का जाप कर सकते हैं: "ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं।" विद्वानों का कहना है कि इस मंत्र के जाप से हर प्रकार की बाधा दूर होती है।

अष्टगंध और खुशबू का अर्पण: काल भैरव को तीखी खुशबू और अष्टगंध (आठ सुगंधित और पवित्र जड़ी-बूटियों का एक चूर्ण) प्रिय हैं। मंदिर में उन्हें इत्र अर्पित करना या गुग्गल की धूप जलाना आपके आसपास की नकारात्मकता को खत्म कर देता है।

काले तिल और उड़द का दान: ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, अगर आप शनिवार को काले तिल और साबुत उड़द का दान करते हैं, तो इससे शनि दोष और भैरव बाबा का प्रकोप शांत होता है।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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