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कोटा थाने में रसूखदारों का नंगा नाच: तलवार चली और पुलिस के सामने दी गालियां, वीडियो वायरल
बिलासपुर के कोटा थाने में पुरानी रंजिश को लेकर जमकर बवाल हुआ पूरी रंजिश को लेकर दो गुट थाने के अंदर की भिड़ गए पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में जमकर गुंडागर्दी और गाली-गलौज हुई। इस दौरान
रसूखदारों ने कोटा थाने को अखाड़ा बना दिया इस दौरान पुलिस तमाशा बनी रही और रसूखदार खाकी की मर्यादा भूलकर एक-दूसरे को काट देने की धमकी देते नजर आए। थाने के अंदर हुई इस पूरी गुंडागर्दी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है ।
कब्जा हटाने के विवाद ने लिया हिंसक रूप
इस पूरे विवाद की पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। कोटा तहसील क्षेत्र में कुछ दिनों पहले तहसीलदार प्रांजल मिश्रा ने बेजा कब्जा हटाने की कार्रवाई की थी। सूत्रों ने बताया कि इसी दौरान राम सोनी और संतोष मिश्रा उर्फ छोटे महाराज के बीच ठन गई थी। बुधवार को यही रंजिश ज्वालामुखी बनकर फूटी और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। रसूखदारों की इस लड़ाई में राम सोनी पर तलवार से हमला किया गया जिससे उनके हाथ में सात टांके आए हैं।
थाने के भीतर पुलिस के सामने चली तलवार
मारपीट की शिकायत लेकर जब पक्ष थाने पहुंचे तो वहां का नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। एक बड़े भाजपा नेता के करीबी और कथित भाजपा नेता विकास सिंह भी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गया। थाने के अंदर ही पुलिस वालों के सामने रसूखदारों ने गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस वालों के मना करने के बावजूद हंगामा नहीं रुका। एक पुलिसकर्मी अपने मोबाइल से इस पूरी घटना को रिकॉर्ड करता रहा जबकि बाकी जवान रसूखदारों को समझाने की कोशिश करते दिखे।
एसएसपी बोले: रसूख अपनी जगह, कार्रवाई होगी निष्पक्ष
मामला सत्ता और विपक्ष के रसूखदारों से जुड़ा होने के कारण पुलिस पर दबाव की चर्चाएं तेज थीं। हालांकि बिलासपुर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि तलवार से हमले और थाने में हंगामा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और दोषी चाहे कितना भी बड़ा रसूखदार क्यों न हो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनता में आक्रोश: क्या थाने भी सुरक्षित नहीं?
इस घटना ने पुलिस की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों का कहना है कि अगर रसूखदार थाने के भीतर घुसकर तलवार चला सकते हैं और पुलिस के सामने गालियां दे सकते हैं तो आम आदमी खुद को कहां सुरक्षित महसूस करेगा। फिलहाल पुलिस मामले में bns की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की तैयारी में जुटी है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
