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किताब बाहर आने से पहले ही संसद में विस्फोट: चीन मुद्दे पर राहुल गांधी बनाम राजनाथ-शाह
नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा उस समय रणक्षेत्र में बदल गई, जब पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित किताब का हवाला देकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चीन और सीमा सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल खड़े कर दिए। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने तीखा पलटवार किया।
चीन पर सवाल, सदन में बवाल
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चीनी सेना भारतीय सीमा में घुसपैठ कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने अपनी किताब में इस विषय पर गंभीर बातें लिखी हैं। राहुल गांधी के इस बयान पर सत्तापक्ष की ओर से कड़ा विरोध दर्ज किया गया और सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया।समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।
रक्षा मंत्री का तीखा जवाब
राहुल गांधी के आरोपों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिस किताब का उल्लेख किया जा रहा है, वह अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि अप्रकाशित पुस्तक के हवाले से संसद में आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी अपने दावों को तथ्यों और प्रमाणों के साथ रखें, बिना आधार के बयान देश की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भ्रम पैदा करते हैं। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि यदि किसी पुस्तक पर अनुचित रोक लगी होती, तो संबंधित लेखक न्यायालय का रुख करता।
स्पीकर की सख्ती, नियमों की याद
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा हो रही है और उसी विषय पर बात होनी चाहिए। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में भारत–चीन संबंधों का उल्लेख नहीं है, इसलिए चर्चा को भटकाया न जाए। बार-बार हस्तक्षेप पर नाराजगी जताते हुए स्पीकर ने कहा कि वे कई बार सदन के नियमों की जानकारी दे चुके हैं और नेता प्रतिपक्ष से नियमों के पालन की अपेक्षा की जाती है।
राहुल गांधी की सफाई
राहुल गांधी ने सफाई देते हुए कहा कि सरकार विपक्ष की देशभक्ति पर सवाल उठाती है। उन्होंने दावा किया कि जनरल नरवणे ने अपनी किताब में कुछ नेताओं को लेकर टिप्पणियां की हैं, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि उनका सवाल चीन से अधिक प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के राजनीतिक आचरण को लेकर है।
नियम 353 का हवाला
स्पीकर ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि नियम 353 के तहत किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगाने से पहले लिखित सूचना देना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि राहुल गांधी चर्चा नहीं करना चाहते, तो अगला वक्ता बुलाया जाएगा।
अमित शाह का पलटवार
गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने अपने भाषण में विपक्ष की देशभक्ति पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन की मर्यादा और नियमों का उल्लंघन किया है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
