CBI की बड़ी कार्रवाई: ओडिशा में अपने ही ASI पर FIR, जांच से बचाने के बदले रिश्वत लेने का आरोप
भुवनेश्वर। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए अपने ही अधिकारी के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। दिल्ली स्थित CBI इकाई ने ओडिशा की भुवनेश्वर शाखा में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। यह कार्रवाई सुंदरगढ़ जिले में महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) के परिसरों पर की गई छापेमारी के दौरान सामने आए अहम तथ्यों के आधार पर की गई है।
जांच से बचाने के बदले रिश्वत का आरोप
एफआईआर में आरोपी अधिकारी की पहचान प्रशांत कुमार पलेई के रूप में हुई है, जो CBI भुवनेश्वर शाखा में ASI पद पर पदस्थ हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने सुंदरगढ़ के बसुंधरा क्षेत्र स्थित एमसीएल के गर्जनबहाल ओपन-कास्ट प्रोजेक्ट में तैनात डिस्पैच अधिकारी सारदा प्रसाद सेठी से रिश्वत ली। आरोपों के मुताबिक, सेठी को CBI और अन्य जांच एजेंसियों की कार्रवाई से बचाने के लिए यह लेन-देन किया गया।
अवैध वसूली और नेटवर्क का खुलासा
CBI के अनुसार, सारदा प्रसाद सेठी पर कोयला उत्खनन से जुड़े विभिन्न ठेकेदारों और ट्रांसपोर्ट एजेंसियों से अवैध वसूली करने का आरोप है। वहीं, ASI पलेई पर आरोप है कि उन्होंने इस पूरे नेटवर्क को संरक्षण दिया और बदले में नियमित रूप से रिश्वत हासिल की। जांच एजेंसी का दावा है कि रिश्वत की रकम पलेई के बेटे, पत्नी और उनसे जुड़े अन्य लोगों के बैंक खातों के जरिए ली गई।
दिल्ली CBI की टीम कर रही छापेमारी
मामले में CBI ने प्रशांत कुमार पलेई, सारदा प्रसाद सेठी समेत अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। दिल्ली CBI की तीन सदस्यीय टीम सुंदरगढ़ जिले में MCL से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इसके साथ ही बरहमपुर, भुवनेश्वर और राउरकेला सहित कई शहरों में तलाशी अभियान चलाया गया है, जहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
CBI के भीतर पहली बड़ी कार्रवाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पहली बार है जब दिल्ली CBI ने भुवनेश्वर CBI शाखा के किसी अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि पलेई कथित तौर पर एक CBI डीएसपी के माध्यम से अपने कार्यों को अंजाम देता था और जब सेठी से जुड़े मामलों में अड़चन आती थी, तो वह वरिष्ठ अधिकारियों पर दबाव और धमकी तक देता था। CBI का कहना है कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
