सोशल मीडिया से कट्टरपंथ तक: गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड ने दो युवकों को दबोचा, ‘गजवा-ए-हिंद’ के नाम पर भारत विरोधी साजिश, हथियार, फंडिंग और हमले की प्लानिंग का खुलासा...
नई दिल्ली: देशविरोधी गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर भारत के खिलाफ हमलों की साजिश रच रहे थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों आरोपी हथियार जुटाने, फंडिंग नेटवर्क खड़ा करने और देश में अस्थिरता फैलाने की योजना बना रहे थे। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि ये युवक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए कट्टरपंथी विचारधाराओं से प्रभावित होकर सक्रिय हुए थे।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पिछले कई महीनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे WhatsApp और Instagram पर एक क्लोज्ड ग्रुप के जरिए जुड़े हुए थे, जहां वे चरमपंथी एजेंडों और भारत विरोधी गतिविधियों पर चर्चा करते थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों युवक “सेल्फ-रेडिकलाइजेशन” का शिकार हुए, यानी किसी सीधे हैंडलर के बजाय इंटरनेट के माध्यम से ही प्रभावित होकर इस रास्ते पर आगे बढ़े। यह पैटर्न सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इरफान खान पठान और मुर्शिद जाहिद अख्तर शेख के रूप में हुई है। एक आरोपी गुजरात के सिद्धपुर का निवासी है और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा था, जबकि दूसरा बिहार मूल का युवक मुंबई में काम करता था। अलग-अलग पृष्ठभूमि के बावजूद दोनों एक ही डिजिटल नेटवर्क के जरिए जुड़े और धीरे-धीरे कट्टर विचारधारा की ओर आकर्षित हुए। फिलहाल दोनों से गहन पूछताछ जारी है और उनके डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है।
कार्रवाई एक विशेष इनपुट के आधार पर की गई, जिसके बाद सिद्धपुर और मुंबई में समन्वित ऑपरेशन चलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों का कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन उनके इरादों को गंभीर मानते हुए कड़ी कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए फैल रही कट्टरपंथी सोच किस तरह युवाओं को प्रभावित कर रही है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन रही है।
