स्कूलों की मनमानी पर नकेल! अब छुट्टियों का खेल खत्म, एफिडेविट पर चलेगी पढ़ाई, शिक्षा निदेशालय ने कसा शिकंजा

नई दिल्ली। अब दिल्ली के स्कूल मनमाने ढंग से छुट्टियां नहीं बांट सकेंगे। शिक्षा निदेशालय ने साफ संदेश दे दिया है, पढ़ाई से समझौता किया तो जवाबदेही तय होगी। सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट सभी स्कूलों को एकेडमिक सेशन शुरू होने से पहले लिखित हलफनामा देना होगा कि पूरे साल तय मानकों के अनुसार क्लासेस चलाई जाएंगी। निदेशालय ने इसके लिए एफिडेविट का तय फॉर्मेट भी जारी कर दिया है। यानी अब स्कूल प्रबंधन की मनमानी सिर्फ मौखिक नहीं, बल्कि कानूनी जवाबदेही के दायरे में होगी।

छुट्टियों, इवेंट्स और फंक्शन्स में उड़ जाती थी पढ़ाई
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने माना है कि पिछले कुछ वर्षों में कई स्कूलों ने बेवजह छुट्टियां बढ़ाईं, इवेंट्स और गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के नाम पर क्लासेस काटीं, सिलेबस अधूरा छोड़ दिया। इसका सीधा नुकसान छात्रों को हुआ, लेकिन जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली। अब एफिडेविट सिस्टम से यह रास्ता बंद किया जा रहा है।

अब हर स्कूल को पहले बतानी होगी पूरी प्लानिंग
निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि—

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एकेडमिक सेशन शुरू होने से पहले छुट्टियों और वर्किंग डेज़ का पूरा कैलेंडर फाइनल होगा
बाद में मनमाने बदलाव की इजाजत नहीं होगी
नियम तोड़ने पर स्कूल सीधे कार्रवाई के दायरे में आएंगे

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अधिकारियों का साफ कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि बाद में “कन्फ्यूजन” या “मैनेजमेंट डिसीजन” का बहाना न चले।

1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया सिस्टम
एकेडमिक सेशन 2026–27 की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से होगी। गर्मी, पतझड़ और सर्दियों की छुट्टियां पहले ही तय कर दी गई हैं, ताकि स्कूल उसी आधार पर अपनी पढ़ाई की योजना बनाएं। शिक्षा निदेशालय ने संकेत दिए हैं कि जो स्कूल तय मानकों से खिलवाड़ करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सवालों के घेरे में स्कूल मैनेजमेंट
इस फैसले ने साफ कर दिया है कि पढ़ाई के नाम पर साल भर चलने वाला “छुट्टी कल्चर” अब नहीं चलेगा। बच्चों के भविष्य से समझौता करने वालों से अब जवाब मांगा जाएगा। माता-पिता को उम्मीद है कि इस फैसले से स्कूलों में पढ़ाई की निरंतरता बनी रहेगी और हर साल होने वाली “छुट्टियों की राजनीति” पर लगाम लगेगी।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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