स्कूलों की मनमानी पर नकेल! अब छुट्टियों का खेल खत्म, एफिडेविट पर चलेगी पढ़ाई, शिक्षा निदेशालय ने कसा शिकंजा

स्कूलों की मनमानी पर नकेल! अब छुट्टियों का खेल खत्म, एफिडेविट पर चलेगी पढ़ाई, शिक्षा निदेशालय ने कसा शिकंजा

नई दिल्ली। अब दिल्ली के स्कूल मनमाने ढंग से छुट्टियां नहीं बांट सकेंगे। शिक्षा निदेशालय ने साफ संदेश दे दिया है, पढ़ाई से समझौता किया तो जवाबदेही तय होगी। सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट सभी स्कूलों को एकेडमिक सेशन शुरू होने से पहले लिखित हलफनामा देना होगा कि पूरे साल तय मानकों के अनुसार क्लासेस चलाई जाएंगी। निदेशालय ने इसके लिए एफिडेविट का तय फॉर्मेट भी जारी कर दिया है। यानी अब स्कूल प्रबंधन की मनमानी सिर्फ मौखिक नहीं, बल्कि कानूनी जवाबदेही के दायरे में होगी।

छुट्टियों, इवेंट्स और फंक्शन्स में उड़ जाती थी पढ़ाई
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने माना है कि पिछले कुछ वर्षों में कई स्कूलों ने बेवजह छुट्टियां बढ़ाईं, इवेंट्स और गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के नाम पर क्लासेस काटीं, सिलेबस अधूरा छोड़ दिया। इसका सीधा नुकसान छात्रों को हुआ, लेकिन जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली। अब एफिडेविट सिस्टम से यह रास्ता बंद किया जा रहा है।

अब हर स्कूल को पहले बतानी होगी पूरी प्लानिंग
निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि—

Read More Rohit Chandel: POCSO केस में टीवी एक्टर रोहित चन्देल को कोर्ट से राहत, करीब दो महीने बाद जेल से निकलने का रास्ता साफ

एकेडमिक सेशन शुरू होने से पहले छुट्टियों और वर्किंग डेज़ का पूरा कैलेंडर फाइनल होगा
बाद में मनमाने बदलाव की इजाजत नहीं होगी
नियम तोड़ने पर स्कूल सीधे कार्रवाई के दायरे में आएंगे

Read More देवधरम टेकरी पर मंत्री विजयवर्गीय का रेस्ट हाउस, निगम से 26 साल पुरानी फाइल ही गायब

अधिकारियों का साफ कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि बाद में “कन्फ्यूजन” या “मैनेजमेंट डिसीजन” का बहाना न चले।

1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया सिस्टम
एकेडमिक सेशन 2026–27 की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से होगी। गर्मी, पतझड़ और सर्दियों की छुट्टियां पहले ही तय कर दी गई हैं, ताकि स्कूल उसी आधार पर अपनी पढ़ाई की योजना बनाएं। शिक्षा निदेशालय ने संकेत दिए हैं कि जो स्कूल तय मानकों से खिलवाड़ करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सवालों के घेरे में स्कूल मैनेजमेंट
इस फैसले ने साफ कर दिया है कि पढ़ाई के नाम पर साल भर चलने वाला “छुट्टी कल्चर” अब नहीं चलेगा। बच्चों के भविष्य से समझौता करने वालों से अब जवाब मांगा जाएगा। माता-पिता को उम्मीद है कि इस फैसले से स्कूलों में पढ़ाई की निरंतरता बनी रहेगी और हर साल होने वाली “छुट्टियों की राजनीति” पर लगाम लगेगी।

Tags:

Latest News

जिस हाथ में होनी चाहिए थी किताब, उसी हाथ में थमा दी पानी से भरी बाल्टी जिस हाथ में होनी चाहिए थी किताब, उसी हाथ में थमा दी पानी से भरी बाल्टी
कन्हार बांध के विस्थापन फंड में 18 करोड़ की गड़बड़ी , क्या कार्यपालन अभियंताओं और लेखाधिकारियों पर गिरेगी गाज 
भूपेश को झटका, पाटन चुनाव याचिका पर अब आगे बढ़ेगी सुनवाई
फ़ोन पर ‘फ्री फायर’ का आखिरी गेम, एक किशोर की मौत, दूसरा जिंदगी के लिए लड़ रहा जंग
जिस Reel को बनाना था यादगार, वही बन गई आखिरी वीडियो! चलती ट्रेन की चपेट में आया बेगूसराय का युवक, मौत
एक तरफ दीयों की कतार, दूसरी तरफ सियासी तकरार! जगदलपुर में कांग्रेस-BJP कार्यकर्ताओं में झड़प, विजय शर्मा से भी बहस, देखें VIDEO
48 लाख का पैकेज, 200 एकड़ जमीन और करोड़ों की हैसियत का दावा कर युवती को फंसाया, शादी के बाद खुला फर्जी दूल्हे का राज
Raipur Crime: मोबाइल लूटकर दूसरे राज्यों में बदल देते थे पहचान! ओडिशा से राजस्थान तक फैला नेटवर्क, 5 आरोपी गिरफ्तार
Maharashtra Crime: मदद के बहाने बुलाया, फार्महाउस ले गए… पूर्व BJP विधायक और बर्खास्त पुलिसकर्मी पर महिला से गैंगरेप का आरोप
आरंग में जमीन का ‘खेल’! 68 साल के बुजुर्ग की पुश्तैनी जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप, ढाई साल से दफ्तरों में भटक रहा किसान
Mahtari Vandan Yojana: बिलासपुर में 542 महिलाएं निकलीं अपात्र, विभाग ने वसूले 30 लाख; 4.17 लाख हितग्राहियों की हुई जांच
Transfer News: छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फेरबदल, 25 अधिकारियों को नई जिम्मेदारी; कई जिलों में बदले प्रभारी CMHO