Moon Breakthrough: Jeff Bezos की कंपनी ने चांद की मिट्टी से निकाली ऑक्सीजन, स्पेस कॉलोनाइजेशन की दिशा में बड़ा कदम
नई दिल्ली। अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है, जहां Blue Origin ने चांद की मिट्टी (रेगोलिथ) से ऑक्सीजन निकालने में सफलता हासिल की है। इस तकनीक को भविष्य में चंद्रमा पर मानव बसावट की दिशा में क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे पृथ्वी से ऑक्सीजन ले जाने की निर्भरता कम हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने की संभावनाओं को नई दिशा दे सकती है।
इस प्रक्रिया में ‘मोल्टन रेगोलिथ इलेक्ट्रोलिसिस’ नामक उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें चांद की मिट्टी को अत्यधिक तापमान पर पिघलाकर उसमें विद्युत प्रवाहित की जाती है। इससे ऑक्सीजन को बांधकर रखने वाले रासायनिक बंधन टूटते हैं और ऑक्सीजन गैस के रूप में अलग हो जाती है। इस दिशा में NASA और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी भी लंबे समय से शोध कर रही हैं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, चंद्रमा की सतह पर मौजूद रेगोलिथ में लगभग 40 से 45 प्रतिशत तक ऑक्सीजन विभिन्न खनिजों के रूप में मौजूद है। हालांकि, इसे निकालने की प्रक्रिया बेहद ऊर्जा-गहन है, जिसमें 1600 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान और निरंतर बिजली की आवश्यकता होती है। इस कारण वैज्ञानिक अब चांद पर ही ऊर्जा उत्पादन के वैकल्पिक स्रोतों, जैसे सोलर पैनल, विकसित करने पर भी विचार कर रहे हैं।
इस तकनीक का एक और बड़ा फायदा यह है कि ऑक्सीजन निकालने के बाद बचे पदार्थों से लोहा, एल्युमिनियम और सिलिकॉन जैसी उपयोगी धातुएं प्राप्त होती हैं। इनका उपयोग भविष्य में चांद पर इंफ्रास्ट्रक्चर, उपकरण और आवास निर्माण में किया जा सकता है, जिससे आत्मनिर्भर स्पेस कॉलोनी का सपना साकार हो सकेगा।
हालांकि यह परियोजना अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसके सफल परीक्षण ने अंतरिक्ष अनुसंधान में नई उम्मीद जगाई है। वैज्ञानिक अब इस तकनीक को चांद की वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। अगर यह प्रयास सफल होता है, तो आने वाले समय में मानव का चांद पर स्थायी निवास केवल कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत बन सकता है।
