सेहत के दुश्मन हैं ये 5 पॉपुलर डाइट मिथक, कार्ब्स और फैट-फ्री खाने के चक्कर में सेहत न बिगाड़ लें आप

सेहत के दुश्मन हैं ये 5 पॉपुलर डाइट मिथक, कार्ब्स और फैट-फ्री खाने के चक्कर में सेहत न बिगाड़ लें आप

नई दिल्ली। स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में नई जानकारियां लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन कुछ डाइट मिथक ऐसे हैं जो साल दर साल हमारे साथ चलते आ रहे हैं। इनके कारण सेहत को काफी नुकसान होता है। इसलिए इस नए साल में जाने से पहले इन मिथकों की सच्चाई जान लें, ताकि आप अपने हेल्थ गोल्स को पूरा कर सकें और आपकी सेहत दुरुस्त रहे। 

कार्ब्स खाना मोटापे की वजह है
यह शायद सबसे प्रचलित मिथक है। सच्चाई यह है कि सभी कार्बोहाइड्रेट्स खराब नहीं होते। प्रोसेस्ड और रिफाइंड कार्ब्स (जैसे मैदा, चीनी) स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं, लेकिन साबुत अनाज, दालें, फल और सब्जियों से मिलने वाले कार्ब्स शरीर के लिए एनर्जी के सबसे मुख्य सोर्स हैं। इनमें फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। संतुलित मात्रा में सही कार्ब्स स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं।

फैट-फ्री या लो-फैट प्रोडक्ट्स हमेशा बेहतर होते हैं
बाजार में फैट-फ्री या लो-फैट लेबल वाले प्रोडक्ट्स की भरमार है, लेकिन क्या वे सचमुच हेल्दी हैं? अक्सर इन प्रोडक्ट्स में फैट की कमी को पूरा करने के लिए शुगर, आर्टिफिशियल स्वीटनर या अन्य केमिकल्स मिलाए जाते हैं। हेल्दी फैट्स, जैसे एवोकाडो, नट्स, ऑलिव ऑयल और फैटी फिश में मिलने वाले फैट्स, शरीर के लिए जरूरी हैं। इनसे परहेज करने की बजाय, संतुलित मात्रा में खाना लाभदायक है।

Read More मेडिकल स्टोर से मनमर्जी की दवा पड़ सकती है भारी! एक्सपर्ट ने बताया सेल्फ-मेडिकेशन का बड़ा खतरा

बिना भूख के भी नियमित अंतराल पर खाना जरूरी है
यह धारणा कि दिन में छह से आठ बार थोड़ा-थोड़ा खाने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है, पूरी तरह सही नहीं है। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। कुछ लोगों को दिन में तीन बार बैलेंस्ड डाइट की जरूरत होती है, तो कुछ को छोटे-छोटे इंटरवल पर। जबरदस्ती खाने के बजाय, अपनी भूख के संकेतों को समझना और उसके अनुसार खाना ज्यादा असरदार है।

Read More सिम्स बदहाली: हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव के हलफनामे पर जताई नाराजगी, कहा- जवाब एआई से बना लगता है, जमीनी हकीकत न छिपाएं

डिटॉक्स डाइट या जूस क्लींज शरीर से टॉक्सिन्स निकालते हैं
नए साल की शुरुआत में अक्सर लोग डिटॉक्स डाइट या जूस क्लींज की ओर रुख करते हैं। यह समझना जरूरी है कि हमारा शरीर लिवर, किडनी और पाचन तंत्र के माध्यम से नेचुरल तरीके से डिटॉक्सीफिकेशन करता रहता है। इसके कारण पोषक तत्वों की कमी और एनर्जी का स्तर गिर सकता है। 

कैलोरी कम करना ही वजन घटाने का एकमात्र तरीका है
वजन घटाने के लिए कैलोरी घाटा जरूरी है, लेकिन सिर्फ कैलोरी गिनने पर फोकस करना काफी नहीं है। खाने की गुणवत्ता भी उतनी ही जरूरी है। 100 कैलोरी की एक चॉकलेट बार और 100 कैलोरी के एक सेब का शरीर पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स से भरपूर खान-पान लंबे समय तक पेट भरे होने का अहसास कराता है और पोषण देता है।

Tags:

Latest News

आत्मानंद स्कूल के नाबालिग छात्र का अपहरण कर की बेरहमी से पिटाई, कपड़े उतरवाकर पीटा, VIDEO वायरल, 6 हिरासत में आत्मानंद स्कूल के नाबालिग छात्र का अपहरण कर की बेरहमी से पिटाई, कपड़े उतरवाकर पीटा, VIDEO वायरल, 6 हिरासत में
नंबर ब्लॉक करना पड़ा भारी! एकतरफा प्यार में सनकी आशिक ने PG में घुसकर नर्सिंग छात्रा की बेरहमी से हत्या
स्कूल में पालकों का हंगामा, छात्रों के फेल होने पर जताया विरोध, दोबारा परीक्षा की उठी मांग
महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त जारी: 66 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंचे 626.25 करोड़ रुपये
आदिवासी महिलाओं ने गले में डाला फांसी का फंदा, 'फांसी सत्याग्रह' शुरू कर मांगी इच्छामृत्यु
मामूली चोट, फिर एनेस्थीसिया... और चली गई 18 महीने के बच्चे की जान, डॉक्टर पर केस दर्ज
दो बड़ी टेक कंपनियों की दोस्ती में आई दरार , ChatGPT पर APPLE ने ठोका मुकदमा
टिकट विवाद से दतिया में सियासी बवाल! धारा 163 लागू, नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों से की शांति और संयम की अपील
आरपीएफ जवान की सतर्कता से बची यात्री की जान: राजनांदगांव स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय हुआ हादसा टला
छत्तीसगढ़ में नए श्रम नियम लागू! महिलाओं को नाइट शिफ्ट की मंजूरी, निजी कर्मचारियों के ओवरटाइम नियम भी बदले
मिष्ठान दुकान में लगी भीषण आग , देरी से पहुंचा फायर ब्रिगेड , सारा सामान जल कर राख
IND vs ENG: हार के बाद श्रेयस अय्यर ने बताई टीम की सबसे बड़ी चुनौती, बयान बना चर्चा का विषय