सीएसपीडीसीएल में बड़ा खेल: बिना काम किए ही 120 कर्मचारियों का वेतन भुगतान तय, तीन दिन पहले ही रोस्टर चार्ट मंजूर

रायपुर/सराईपाली। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) के अंतर्गत संचालित 11/33 केवी सब स्टेशनों के प्रबंधन और टेंडर प्रक्रिया में एक बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। विभाग के अफसरों ने नियमों को ताक पर रखते हुए 28 फरवरी तक का ड्यूटी रोस्टर चार्ट 25 फरवरी को ही अप्रूव कर दिया है। यानी जिन तीन दिनों (26, 27 और 28 फरवरी) का काम अभी हुआ ही नहीं है, उनके हस्ताक्षर पहले से ही फाइलों में दर्ज कर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है।

सिंग इन्फ्रा कंपनी के रसूख के आगे झुके अफसर

जानकारी के अनुसार, वर्तमान में 'सिंग इन्फ्रा' नामक कंपनी द्वारा 120 से अधिक सब स्टेशनों का संचालन किया जा रहा है। कंपनी ने फरवरी माह के समापन से तीन दिन पहले ही इन केंद्रों के 120-124 कर्मचारियों के हस्ताक्षर युक्त अटेंडेंस शीट और रोस्टर पुटअप अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर दिए। ताज्जुब की बात यह है कि विभागीय जूनियर इंजीनियरों ने इन फाइलों की जांच करने के बजाय इन्हें तत्काल मंजूरी देकर भुगतान के लिए आगे भेज दिया। सूत्रों का दावा है कि विद्युत विभाग में इस तरह का घालमेल पिछले कई वर्षों से अनवरत जारी है।

Read More बिलासपुर में अंगद के पांव की तरह जमे अधीक्षक, 6 साल से एक ही कुर्सी पर राज, कलेक्टर से शिकायत

नियमों का उल्लंघन: 32 जिलों में लेबर लाइसेंस तक नहीं

Read More तंत्र-मंत्र से पैसा डबल करने का झांसा, 5 लाख की ठगी का भंडाफोड़, बलौदा बाजार में बाप-बेटे गिरफ्तार

इस पूरे मामले में विभाग की एक और बड़ी प्रशासनिक खामी उजागर हुई है। नियमानुसार सब स्टेशन संचालन के लिए विद्युत विभाग के पास लेबर लाइसेंस होना अनिवार्य है। लेकिन बताया जा रहा है कि बोर्ड ने केवल रायपुर जिले के लिए ही लेबर लाइसेंस लिया है, जबकि प्रदेश के शेष 32 जिलों में बिना लाइसेंस के ही कार्य संचालित हो रहा है। इसके अलावा, कर्मचारियों के शोषण की भी खबरें हैं; उन्हें पीएफ सहित मात्र 11 से 12 हजार रुपए का भुगतान किया जा रहा है, जबकि कागजों पर शिफ्ट के अनुसार पूरी उपस्थिति दर्शाई जाती है।

शिफ्ट में हेरफेर: 7-8 दिन काम, पूरे महीने का वेतन

विभागीय सूत्रों ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि ठेका कंपनियों की आड़ में कर्मचारियों से नियम विरुद्ध काम लिया जा रहा है। रोटेशन के बजाय एक-एक कर्मचारी से महीने में लगातार 7-8 दिन काम करवाया जाता है और बाकी दिन उन्हें छुट्टी दे दी जाती है। हालांकि, रिकॉर्ड में उन्हें पूरे 30 दिन कार्यरत दिखाकर सरकारी खजाने से पूरे महीने का वेतन आहरित किया जा रहा है। सराईपाली, सालडीह, सांकरा और पर्थरा जैसे क्षेत्रों में तैनात सरकारी जूनियर इंजीनियरों पर इन ठेकेदारों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगे हैं।

यह गंभीर लापरवाही है: मुख्य अभियंता 

मामला तूल पकड़ने के बाद उच्च अधिकारियों ने इस पर संज्ञान लिया है। जेएस नेताम, मुख्य अभियंता (सीई), सीएसपीडीसीएल ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा:

किसी भी स्थिति में महीने की समाप्ति से पहले भुगतान चार्ट जमा नहीं किया जा सकता। 28 तारीख के बाद ही रोस्टर प्रस्तुत करने का नियम है। दस्तावेज देखने के बाद संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमों का उल्लंघन न करें।

 

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

More News

Infinix Note Edge 5G की सेल हो गई शुरू, हाथों-हाथ मिलेगी 1000 रुपए की छूट

राज्य

शंकराचार्य विवाद पर बढ़ी सियासी-धार्मिक हलचल: कंप्यूटर बाबा ने द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र, निष्पक्ष जांच की मांग शंकराचार्य विवाद पर बढ़ी सियासी-धार्मिक हलचल: कंप्यूटर बाबा ने द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र, निष्पक्ष जांच की मांग
नई दिल्ली/प्रयागराज: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज मामले को लेकर देशभर में धार्मिक...
काशी के मणिकर्णिका घाट पर ‘मसान की होली’ को लेकर विवाद तेज, डोम राजा ने दी दाह संस्कार रोकने की चेतावनी
मेघालय विधानसभा में ‘सियासी जुगलबंदी’: विधायक पत्नी ने CM पति से मांगा प्रोजेक्ट का हिसाब
हरियाणा IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड केस: 590 करोड़ के घोटाले में मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेशी
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: ‘न्यायपालिका को बदनाम नहीं होने देंगे’, NCERT के ‘ज्यूडिशियल करप्शन’ चैप्टर पर आपत्ति