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मेघालय विधानसभा में ‘सियासी जुगलबंदी’: विधायक पत्नी ने CM पति से मांगा प्रोजेक्ट का हिसाब
शिलांग। मेघालय विधानसभा में उस समय दिलचस्प और दुर्लभ दृश्य देखने को मिला, जब सत्तारूढ़ दल की विधायक ने ही अपने मुख्यमंत्री पति से सरकारी परियोजनाओं में देरी को लेकर कड़े सवाल पूछे। मेंहताब चंदी ए. संगमा, जो नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) की विधायक हैं, सदन में अपने पति और राज्य के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा से पशुधन शिक्षा से जुड़े प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर स्पष्टीकरण मांगा।
2022 में प्रस्तावित थे चार बड़े संस्थान
गैंबेग्रे से विधायक मेंहताब चंदी ए. संगमा ने 2022 में कैबिनेट द्वारा प्रस्तावित एक वेटेरिनरी कॉलेज, दो फिशरी कॉलेज और एक डेयरी कॉलेज की प्रगति पर सवाल उठाया। उन्होंने राज्य के विभिन्न वेटेरिनरी ट्रेनिंग सेंटर्स में मैनपावर की कमी का मुद्दा भी सदन में रखा और पूछा कि आखिर परियोजनाओं में देरी क्यों हो रही है।
CM का जवाब: प्रक्रिया में लाई जाएगी तेजी
मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने जवाब देते हुए कहा कि ये संस्थान राज्य के पशुधन क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रस्तावित किए गए थे। उन्होंने कहा, “राज्य की बड़ी आबादी पशुपालन से जुड़ी है, इसलिए इन कॉलेजों की जरूरत महसूस की गई।” मैनपावर की कमी पर चिंता जताते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि खाली पदों को भरना प्राथमिकता में है और जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
DPR और जमीन की पहचान में हुई देरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने, भूमि की पहचान और स्टाफिंग प्लानिंग में समय लगने के कारण प्रक्रिया में देरी हुई।प्रस्तावित वेटेरिनरी कॉलेज के लिए किरदेमकुलई (री-भोई जिला) में करीब 800 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 334 करोड़ रुपये बताई गई है।
विधानसभा में चर्चा बनी सुर्खियां
पति-पत्नी के बीच यह संसदीय संवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही की यह मिसाल दर्शाती है कि सवाल सत्ता पक्ष के भीतर से भी उठ सकते हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
