New Year 2026: सुकून भरा होगा नया साल! इन आसान तरीकों से मेडिटेशन को डेली रूटीन में करें शामिल

नई दिल्ली। क्या आपको भी लगता है कि साल 2025 पलक झपकते ही गुजर गया? असल में, काम का प्रेशर, डेडलाइन्स और ट्रैफिक के शोर में हम सब कहीं न कहीं खुद को भूल गए हैं। अब 2026 सामने खड़ा है। क्या इस बार भी वही घिसे-पिटे वादे करेंगे जो 15 जनवरी तक टूट जाते हैं?

इस बार आप खुद को जिम की मेंबरशिप के बजाय 'मानसिक शांति' का तोहफा दे सकते हैं। सोचिए, कैसा हो अगर आने वाले साल में बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आपकी मुस्कान न छीन पाए? जी हां, यह कोई जादू नहीं, बल्कि मेडिटेशन का कमाल है। आइए, जानते हैं कुछ ऐसे आसान तरीके जिनके जरिए आप इसे अपनी आदत का हिस्सा बना सकते हैं।

सिर्फ 5 मिनट से करें शुरुआत
अक्सर लोग जोश में आकर पहले ही दिन आधे घंटे ध्यान करने की कोशिश करते हैं और बोर होकर छोड़ देते हैं। आप यह गलती न करें। नए साल में नियम बनाएं कि आप सिर्फ 5 मिनट अपनी आंखें बंद करके बैठेंगे। चाहे बिस्तर पर हों या कुर्सी पर, बस 5 मिनट खुद को दें। यह समय धीरे-धीरे अपने आप बढ़ने लगेगा।

Read More कम उम्र में बढ़ रहा है फैटी लिवर, क्या आपके खाने की थाली बन रही है बीमारी की वजह?

बनाएं 'ब्रश करने' जैसा रूटीन
क्या आप कभी दांत ब्रश करना भूलते हैं? नहीं ना! मेडिटेशन को भी ऐसी ही आदत बना लें। इसे अपनी किसी पक्की आदत के साथ जोड़ दें। जैसे- नहाने के तुरंत बाद या सुबह की चाय से ठीक पहले। जब आप इसे किसी मौजूदा आदत के साथ जोड़ देते हैं, तो आपका दिमाग इसे आसानी से स्वीकार कर लेता है और आप इसे भूलते नहीं हैं।

Read More महिलाएं जरूर अपनाएं ये 4 आदतें, 70% परेशानियों से रहेंगी दूर, टॉप न्यूट्रिशनिस्ट ने दी सलाह

'ओवरथिंकिंग' को कहें गुडबाय
ज्यादातर लोग मेडिटेशन इसलिए छोड़ देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनका दिमाग खाली नहीं हो रहा। याद रखें, मेडिटेशन का मतलब ओवरथिंकिंग को रोकना नहीं है, बल्कि उन्हें बिना जज किए आते-जाते देखना है। अगर ध्यान करते समय यह ख्याल आए कि "आज नाश्ते में क्या बनेगा?", तो घबराएं नहीं। बस अपना ध्यान वापस अपनी सांसों पर ले आएं। यही असली प्रैक्टिस है।

गहरी सांसों पर करें फोकस
अगर आपको समझ नहीं आ रहा कि ध्यान कैसे शुरू करें, तो सबसे आसान तरीका है अपनी सांसों को गिनना। गहरी सांस लें और छोड़ें। अपनी नाक के पास हवा के स्पर्श को महसूस करें। यह छोटा सा काम आपके दिमाग को तुरंत 'रीसेट' कर देता है और तनाव को चुटकियों में गायब कर देता है।

2026 को बनाएं सबसे खुशहाल
साल इस नए साल में बड़े-बड़े वादे करने के बजाय, बस एक छोटा-सा बदलाव लाएं। यकीन मानिए, मेडिटेशन न सिर्फ आपका स्ट्रेस कम करेगा, बल्कि आपके चेहरे पर वह चमक लाएगा जो कोई क्रीम नहीं ला सकती है।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

More News

सीएसपीडीसीएल में बड़ा खेल: बिना काम किए ही 120 कर्मचारियों का वेतन भुगतान तय, तीन दिन पहले ही रोस्टर चार्ट मंजूर

राज्य

शंकराचार्य विवाद पर बढ़ी सियासी-धार्मिक हलचल: कंप्यूटर बाबा ने द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र, निष्पक्ष जांच की मांग शंकराचार्य विवाद पर बढ़ी सियासी-धार्मिक हलचल: कंप्यूटर बाबा ने द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र, निष्पक्ष जांच की मांग
नई दिल्ली/प्रयागराज: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज मामले को लेकर देशभर में धार्मिक...
काशी के मणिकर्णिका घाट पर ‘मसान की होली’ को लेकर विवाद तेज, डोम राजा ने दी दाह संस्कार रोकने की चेतावनी
मेघालय विधानसभा में ‘सियासी जुगलबंदी’: विधायक पत्नी ने CM पति से मांगा प्रोजेक्ट का हिसाब
हरियाणा IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड केस: 590 करोड़ के घोटाले में मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेशी
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: ‘न्यायपालिका को बदनाम नहीं होने देंगे’, NCERT के ‘ज्यूडिशियल करप्शन’ चैप्टर पर आपत्ति