डायबिटीज के आर्थिक बोझ तले दब रहा भारत, डॉक्टर बोले- फास्ट फूड और सुस्ती बन रही है वजह
नई दिल्ली। भारत अब डायबिटीज के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। नेचर जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के आंकड़े न केवल चौंकाने वाले हैं, बल्कि हमारे समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी भी है।
इसका सीधा मतलब है कि भारतीय परिवार अब इलाज, दवाइयों, अस्पताल के खर्च और बीमारी के कारण काम न कर पाने की वजह से अपनी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा खो रहे हैं।
क्यों तेजी से बढ़ रही है यह समस्या?
- खान-पान की गलत आदतें
आजकल लोग घर के खाने की जगह फास्ट फूड, शुगरी ड्रिंक्स और पैकेट बंद खाने का ज्यादा सेवन कर रहे हैं। इन चीजों में कैलोरी तो बहुत होती है, लेकिन शरीर के लिए जरूरी पोषण न के बराबर होता है। - शारीरिक मेहनत की कमी
घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना और चलने-फिरने में कमी आना मोटापे को बढ़ा रहा है। मोटापा डायबिटीज का एक प्रमुख कारण है। - आनुवंशिक खतरा
भारतीय लोगों में जेनेटिक कारणों से कम उम्र में ही डायबिटीज होने का खतरा अन्य देशों के मुकाबले ज्यादा होता है। - इलाज में देरी पड़ रही है जेब पर भारी
आर्थिक बोझ बढ़ने का एक और बड़ा कारण यह है कि लोगों को अपनी बीमारी का पता बहुत देर से चलता है। अक्सर मरीज डॉक्टर के पास तब जाते हैं जब डायबिटीज की वजह से शरीर में अन्य जटिलताएं शुरू हो जाती हैं।
जब बीमारी बढ़ जाती है, तो यह शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती है:
- दिल की बीमारियां
- किडनी की समस्याएं
- आंखों की रोशनी पर असर
- नसों को नुकसान
इन गंभीर बीमारियों का इलाज बहुत महंगा होता है। प्राइवेट अस्पतालों के खर्च और जीवनभर चलने वाली दवाइयों का बिल परिवारों की आर्थिक स्थिति को बिगाड़ देता है।
बचाव ही है सबसे बेहतर उपाय
अच्छी खबर यह है कि हम अपने लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव करके इस खतरे को टाल सकते हैं। डॉक्टरों ने इसके लिए कुछ आसान उपाय बताए हैं:
- बैलेंस डाइट लें: अपने खाने में हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज की मात्रा बढ़ाएं और चीनी का सेवन कम करें।
- पैदल चलें: रोजाना केवल 30 मिनट की पैदल सैर ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में बहुत मददगार साबित होती है।
- तनाव और वजन पर काबू: तनाव कम लेना और वजन को नियंत्रित रखना भी इस बीमारी से बचने के लिए बेहद जरूरी है।
समय पर जांच है जरूरी
डायबिटीज से लड़ने का सबसे कारगर हथियार 'जागरूकता' है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर आपकी उम्र 30 वर्ष से ज्यादा है या आपके परिवार में किसी को डायबिटीज रहा है, तो आपको नियमित रूप से अपना ब्लड शुगर टेस्ट जरूर कराना चाहिए। समय पर टेस्ट और हेल्दी हैबिट्स को अपनाकर हम न सिर्फ अपनी सेहत सुधार सकते हैं, बल्कि भारत पर बढ़ रहे इस भारी-भरकम आर्थिक बोझ को भी कम कर सकते हैं।
