- Hindi News
- हेल्थ
- HPV वैक्सीन को लेकर डॉक्टरों ने बताए 5 बड़े मिथक, जानें क्यों जरूरी है ये टीका
HPV वैक्सीन को लेकर डॉक्टरों ने बताए 5 बड़े मिथक, जानें क्यों जरूरी है ये टीका
केंद्र सरकार आज यानी 28 फरवरी से देशभर में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाव के लिए वैक्सीनशेन अभियान शुरू कर रही है. इसके तहत देशभर में 14 वर्ष की करीब 1.25 करोड़ लड़कियों को फ्री में एचपीवी वैक्सीन लगेगी. ये टीका सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर लगेगा. इसमें लड़कियों को गार्डसिल- 4 वैक्सीन की एक डोज लगेगी. हालांकि वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में कई सवाल और भ्रम भी होते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि गलत जानकारी के कारण लोग वैक्सीन लगवाने से हिचकते हैं, जबकि यह टीका सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है. वैक्सीन को लेकर क्या आम मिथक होते हैं और उनके जवाब एक्सपर्ट्स से जानेंगे. उसके पहले चान लेते हैं कि एचपीवी वैक्सीन क्या होती है.
एचपीवी वैक्सीनी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से बचाव करती है. यह वायरस सर्वाइकल कैंसर का कारण बनता है. इस वैक्सीन को लगवाने से कैंसर से बचाव किया जा सकता है. लड़कियां अगर सही समय पर ( शादी से पहले) ये टीका ले लें तो कैंसर होने की आशंका काफी कम हो जाती है. HPV वैक्सीन खासतौर पर उन लोगों के लिए जरूरी मानी जाती है, जिनमें HPV संक्रमण का खतरा ज्यादा हो सकता है. यह वैक्सीन लड़कियों के साथ-साथ लड़कों के लिए भी फायदेमंद है.
वैक्सीन को लेकर तीन आम मिथक
मिथक: HPV वैक्सीन के गंभीर साइड इफेक्ट होते हैं
डॉ बताते हैं कि वैक्सीन के कोई गंभीर साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं. टीका लगने के बाद हल्का बुखार महूसस हो सकता है, इसके साथ ही इंजेक्शन वाली जगह पर हल्का दर्द हो सकता है. ये दर्द भी कुछ घंटों में ठीक हो जाता है. ऐसे में पात्र लोगों को टीका लगवाने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.
मिथक : वैक्सीन से बांझपन होता है
डॉ. के मुताबिक, यह बहुत गलत धारणा है कि वैक्सीन से बांझपन होता है. कोई भी टीका पूरी रिसर्च के बाद ही बनता है. अब तक हुए कई स्टडी में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला कि HPV वैक्सीन से फर्टिलिटी पर असर पड़ता है. ऐसेमें वैक्सीन को लेकर बांझपन वाली गलत धारणा को अपने मन में नहीं लाना चाहिए.
मिथक 3: वैक्सीन लगवा ली तो स्क्रीनिंग की जरूरत नहीं
डॉ. बताती हैं कि अगर वैक्सीन लग गई है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप कभी अपनी सर्वाइकल कैंसर की जांच नहीं कराएंगे. वैक्सीन वायरस से बचाने में काफी मददगार है और इसके बहुत अच्छे परिणाम भी देखे गए हैं, लेकिन फिर भी आपको 30 साल की उम्र के बाद Pap Smear टेस्ट करा लेना चाहिए. इसके कोई नुकसान नहीं हैं.
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
