स्ट्रोक के इन 6 संकेतों को न करें नजरअंदाज, डॉक्टर ने बताया कब अस्तपताल जाना है जरूरी

स्ट्रोक के इन 6 संकेतों को न करें नजरअंदाज, डॉक्टर ने बताया कब अस्तपताल जाना है जरूरी

नई दिल्ली। अब तक आम धारणा यही रही है कि स्ट्रोक या ब्रेन अटैक (Brain Stroke) सिर्फ उम्रदराज लोगों को होता है, लेकिन बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ते रिस्क फैक्टर्स के कारण यह बीमारी अब युवाओं को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। डॉक्टर्स के अनुसार, आज 30-40 की उम्र के लोग भी स्ट्रोक के मरीज बन रहे हैं। 

ऐसे में इसके शुरुआती लक्षणों (Brain Stroke Symptoms) को पहचानना और समय पर इलाज करवाना बेहद जरूरी हो गया है। इसी बारे में जानने के लिए हमने डॉ. से बात की। आइए जानें इस बारे में डॉक्टर क्या बता रहे हैं। 

कब आता है स्ट्रोक?
स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग के किसी हिस्से में अचानक ब्लड फ्लो रुक जाता है या किसी ब्लड वेसल के फटने से दिमाग में खून जमा हो जाता है। ब्लड फ्लो में रुकावट आने से कुछ ही मिनटों में सेल्स डैमेज होने लगती हैं। यही वजह है कि स्ट्रोक को मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है, जहां हर मिनट बेहद कीमती होता है।

Read More क्या चीनी छोड़ने से बदल सकती है आपकी सेहत? WHO ने बताया रोज कितनी शुगर है सुरक्षित

कैसे करें स्ट्रोक की पहचान?
स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों को पहचानने का सबसे आसान तरीका है BEFAST फॉर्मूला-

Read More खाना खाते ही ये 5 गलतियां पड़ सकती हैं भारी! पाचन बिगड़ने से लेकर एसिडिटी तक बढ़ सकता है खतरा

B – Balance (संतुलन)- अचानक चक्कर आना, चलने में लड़खड़ाहट या संतुलन बिगड़ जाना।
E – Eyes (आंखें)- एक या दोनों आंखों से अचानक धुंधला दिखना, डबल दिखना या नजर का पूरी तरह चले जाना।
F – Face (चेहरा)- चेहरे के एक तरफ झुकाव आ जाना, मुस्कुराने पर चेहरा टेढ़ा दिखना या मुंह का एक हिस्सा नीचे की ओर लटक जाना।
A – Arms (बांहें)- शरीर के एक हिस्से में, खासतौर पर हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन महसूस होना।
S – Speech (बोलचाल)- बोलने में लड़खड़ाहट, शब्दों का साफ न निकलना या सामने वाले की बात समझने में परेशानी।
T – Time (समय)- समय सबसे अहम है। इनमें से कोई भी लक्षण दिखते ही तुरंत मेडिकल हेल्प लें।

और कैसे लक्षण हो सकते हैं?
इसके अलावा, शरीर के आधे हिस्से में अचानक सुन्नपन, चेहरे की संवेदना का खत्म हो जाना भी स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में सिरदर्द भी चेतावनी देता है। हालांकि, अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज हो और उसके साथ उल्टी हो, तो यह ब्रेन हैमरेज का संकेत हो सकता है, जिसमें तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी है।

कई बार स्ट्रोक के लक्षण कुछ ही समय में अपने आप ठीक हो जाते हैं। इसे ट्रांजिएंट इस्केमिक अटैक (TIA) या “मिनी स्ट्रोक” कहा जाता है। भले ही यह अस्थायी हो, लेकिन यह आने वाले बड़े स्ट्रोक की गंभीर चेतावनी है और इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

क्या है स्ट्रोक का इलाज?
आज मेडिकल साइंस में स्ट्रोक का इलाज काफी आगे बढ़ चुका है। खून के थक्के को घोलने वाली दवाएं और आधुनिक तकनीकों से क्लॉट निकालने की प्रक्रिया से दिमाग को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। लेकिन ये इलाज तभी असरदार होते हैं जब मरीज लक्षण शुरू होने के शुरुआती समय, यानी गोल्डन आवर, में अस्पताल पहुंच जाए।

क्या हैं स्ट्रोक के रिस्क फैक्टर?
हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, स्मोकिंग, मोटापा, अनियमित हार्टबीट और हाई कोलेस्ट्रॉल स्ट्रोक के मुख्य रिस्क फैक्टर हैं। इन पर नियंत्रण और शुरुआती लक्षणों की पहचान ही स्ट्रोक से बचाव का सबसे मजबूत तरीका है।

Tags:

Latest News

दतिया में हुआ बवाल , आन्दोलन ने लिया हिंसक रूप,  SP, SDOP , ASP समेत 8  पुलिसकर्मी घायल दतिया में हुआ बवाल , आन्दोलन ने लिया हिंसक रूप, SP, SDOP , ASP समेत 8 पुलिसकर्मी घायल
आत्मानंद स्कूल के नाबालिग छात्र का अपहरण कर की बेरहमी से पिटाई, कपड़े उतरवाकर पीटा, VIDEO वायरल, 6 हिरासत में
नंबर ब्लॉक करना पड़ा भारी! एकतरफा प्यार में सनकी आशिक ने PG में घुसकर नर्सिंग छात्रा की बेरहमी से हत्या
स्कूल में पालकों का हंगामा, छात्रों के फेल होने पर जताया विरोध, दोबारा परीक्षा की उठी मांग
महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त जारी: 66 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंचे 626.25 करोड़ रुपये
आदिवासी महिलाओं ने गले में डाला फांसी का फंदा, 'फांसी सत्याग्रह' शुरू कर मांगी इच्छामृत्यु
मामूली चोट, फिर एनेस्थीसिया... और चली गई 18 महीने के बच्चे की जान, डॉक्टर पर केस दर्ज
दो बड़ी टेक कंपनियों की दोस्ती में आई दरार , ChatGPT पर APPLE ने ठोका मुकदमा
टिकट विवाद से दतिया में सियासी बवाल! धारा 163 लागू, नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों से की शांति और संयम की अपील
आरपीएफ जवान की सतर्कता से बची यात्री की जान: राजनांदगांव स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय हुआ हादसा टला
छत्तीसगढ़ में नए श्रम नियम लागू! महिलाओं को नाइट शिफ्ट की मंजूरी, निजी कर्मचारियों के ओवरटाइम नियम भी बदले
मिष्ठान दुकान में लगी भीषण आग , देरी से पहुंचा फायर ब्रिगेड , सारा सामान जल कर राख