CSMCL में 115 करोड़ का ‘ओवरटाइम घोटाला’ बेनकाब: कागजों में चली एक्स्ट्रा शिफ्ट, कर्मचारियों को नहीं मिला पैसा, गिरफ्तारी के बाद खुल सकते हैं कई बड़े नाम
रायपुर: छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले के बाद अब छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में 115 करोड़ रुपये के कथित ओवरटाइम घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो की संयुक्त कार्रवाई में मैनपावर एजेंसी से जुड़े दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि शराब दुकानों में कागजों पर अतिरिक्त शिफ्ट दिखाकर करोड़ों का भुगतान निकाला गया, जबकि वास्तविक कर्मचारियों तक यह राशि कभी पहुंची ही नहीं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर शामिल हैं, जिन्हें अदालत ने रिमांड पर भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम के नाम पर स्वीकृत राशि को फर्जी दस्तावेजों के जरिए निकाला गया और इसे एजेंसियों व कथित रूप से कुछ अधिकारियों के बीच बांट दिया गया। इस पूरे खेल में कर्मचारियों को सामने रखकर उनके नाम पर भुगतान दिखाया गया, लेकिन उन्हें वास्तविक लाभ नहीं मिला।
मामले की कड़ियां तब जुड़ीं जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 29 नवंबर 2023 को रायपुर में छापेमारी के दौरान नकदी बरामद की। जांच में यह रकम कथित तौर पर कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान से जुड़ी पाई गई, जिसके बाद ACB-EOW ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया। एजेंसियां अब बैंक ट्रांजैक्शन, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही हैं।
जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस घोटाले के तार कुछ प्रभावशाली लोगों और कारोबारी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। फिलहाल, पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इस कार्रवाई ने राज्य में सरकारी तंत्र और एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
