रेत माफिया की लापरवाही से गई जान: हरचोखा में अवैध उत्खनन से दर्दनाक हादसे ने खड़े किए सवाल
भरतपुर। एमसीबी जिले के भरतपुर तहसील स्थित राम वन गमन पथ, हरचोखा एक बार फिर अवैध रेत उत्खनन की भेंट चढ़ गया। शुक्रवार शाम रेत माफिया के बेखौफ कारोबार के बीच एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जब रेत ढोने में लगा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रैक्टर को सीधा करने के प्रयास में क्रेन का भारी पंजा युवक के सिर पर गिर पड़ा, जिससे 23 वर्षीय युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद क्रेन चालक मौके से फरार हो गया, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश और दहशत का माहौल बन गया।
मृतक की पहचान 23 वर्षीय सत्येंद्र पांडेय, पिता डीप नारायण पांडेय के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम करीब 6 बजे, जब सत्येंद्र अवैध रेत उत्खनन से जुड़े कार्य में ट्रैक्टर के माध्यम से हाइवा निकालने के लिए सड़क निर्माण में लगाया गया था, तभी यह हादसा हुआ। अचानक ट्रैक्टर पलट गया और उसे सीधा करने की जल्दबाजी में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के क्रेन का भारी पंजा सीधे उसके सिर पर आ गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सवाल यह है कि महीनों से चल रहे अवैध रेत कारोबार की जानकारी होने के बावजूद प्रशासन ने आखिर क्यों आंखें मूंद रखीं और क्या इस लापरवाही की कीमत एक युवक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी?
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भले ही शुक्रवार शाम हरचोखा पहुंच गई हो, लेकिन तब तक एक परिवार उजड़ चुका था। आज सुबह मृतक के परिजन शव को उठाकर जनकपुर ले गए, जहां पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उधर, आक्रोशित परिजन जनकपुर थाने पहुंचकर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिजनों का सीधा आरोप है कि अवैध रेत उत्खनन कराने वाले ठेकेदारों की खुली लापरवाही और प्रशासन की चुप्पी ने इस हादसे को जन्म दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हरचोखा में अवैध रेत कारोबार महीनों से खुलेआम फल-फूल रहा है। रोजाना दर्जनों हाइवा दिन-रात नदी से रेत लोड करके ले जाते देखे जा सकते हैं, और इस अंधाधुंध उत्खनन ने नदी को पूरी तरह छलनी कर दिया है। ठेकेदारों की दहशत इतनी है कि कोई भी ग्रामीण विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। अब इस दर्दनाक हादसे के बाद सवाल उठना लाजमी है, क्या प्रशासन लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार पर सिर्फ आंखें बंद किए बैठा था और क्या अब भी सिर्फ बयानबाजी और जांच के नाम पर सब शांत हो जाएगा?
