नवजात के अपहरण की कहानी में हो गया खेल, सुन पुलिस भी रह गई दंग
बेमेतरा : घर में प्रसव, दो अज्ञात महिलाओं की एंट्री और नवजात को लेकर फरार होने की कहानी ने पुलिस को भी चौंका दिया था। शिकायत मिलते ही नवागढ़ पुलिस हरकत में आई और मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच शुरू कर दी। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो कहानी की एक-एक कड़ी संदिग्ध होती गई। घटनास्थल के निरीक्षण से लेकर पूछताछ और मेडिकल जांच तक, हर पड़ाव पर शिकायत की सच्चाई पर संदेह होने लगा। आखिरकार चिकित्सकीय परीक्षण में महिला के गर्भावस्था या प्रसव की पुष्टि नहीं हुई और नवजात के अपहरण की सनसनीखेज कहानी झूठी निकली।
पहले अपहरण की शिकायत, फिर जांच में पलट गई कहानी
मामला बेमेतरा जिले के नवागढ़ थाना के ग्राम जेवरा-एस गांव का हैं। गांव की रहने वाली 20 वर्षीय तीजन वर्मा ने 4 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 3 अक्टूबर को परिवार के सदस्य एक कार्यक्रम में गए हुए थे और उसका पति बकरियां चराने निकला था। इसी दौरान उसने घर पर बच्चे को जन्म दिया। महिला के अनुसार दो अज्ञात महिलाएं उसे दवा पिलाकर प्रसव कराने के बाद नवजात शिशु को अपने साथ ले गई। शिकायत सामने आते ही मामला गंभीर हो गया। नवजात के अपहरण की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। घटना की परिस्थितियां असामान्य थीं, इसलिए पुलिस अधिकारियों ने हर पहलू की बारीकी से पड़ताल करने का फैसला लिया।
बयानों में विरोधाभास, मेडिकल जांच में हुआ संदेह
नवागढ़ थाना प्रभारी दुलेश्वर चंद्रवंशी और संबलपुर चौकी प्रभारी कृष्ण कुमार क्षत्री की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद भी ली गई। पुलिस ने शिकायतकर्ता से कई बार पूछताछ की, लेकिन उसके बयानों में विरोधाभास सामने आने लगे। इससे पुलिस का संदेह गहराता गया। इसके बाद महिला का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। मेडिकल जांच में महिला के हाल ही में गर्भावस्था या प्रसव की पुष्टि नहीं हुई। इस रिपोर्ट ने नवजात के अपहरण की शिकायत पर गंभीर संदेह हुआ। जांच में सामने आया कि परिवार के सामने गलत साबित होने के डर से महिला ने गर्भावस्था और प्रसव का नाटक किया था। आरोप है कि उसने शरीर पर आलता और हल्दी लगाकर प्रसव होने का आभास पैदा किया और नवजात की चोरी की मनगढ़ंत कहानी सुना दी।
पुलिस को दी झूठी सूचना, होगी वैधानिक कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, नवजात के अपहरण की शिकायत की पुष्टि नहीं हुई। झूठी सूचना देकर पुलिस को भ्रमित करने और उसके समय व संसाधनों का उपयोग कराने के आरोप में महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 217 के तहत परिवाद तैयार कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
