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छत्तीसगढ़ में करप्शन का 'सिंडिकेट': भूपेश बघेल और दागी IAS अफसरों को बचाने दबा दी गईं 14 शिकायतें, सीनियर एडवोकेट ने चीफ सेक्रेटरी को लिखा पत्र
रायपुर. छत्तीसगढ़ में भ्रष्ट अफसरों और नेताओं का एक तगड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है। ये लोग एक-दूसरे को बचाने के लिए सारे नियम-कानून ताक पर रख रहे हैं। रायपुर के वकील और सोशल एक्टिविस्ट नरेश चंद्र गुप्ता ने राज्य के चीफ सेक्रेटरी विकास शील को एक पत्र लिखा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि शराब घोटाला, डीएमएफ (DMF) घोटाला और बुलेटप्रूफ जैकेट घोटाले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल और दागी आईएएस (IAS) अफसरों को खुलेआम बचाया जा रहा है।
एक्टिविस्ट ने चीफ सेक्रेटरी को 14 ऐसी शिकायतों की लिस्ट भेजी है, जो महीनों से सरकारी फाइलों में धूल खा रही हैं।
चोर के हाथ में ही चाबी: जिसके खिलाफ शिकायत, वही कर रहा जांच
गुप्ता ने अपनी चिट्ठी में सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। उनका सीधा आरोप है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), सीएम सचिवालय और DoPT से जो भी शिकायतें जांच के लिए राज्य सरकार के पास आती हैं, उन्हें यही सिंडिकेट रद्दी में डाल देता है। हद तो ये है कि जिस अफसर के खिलाफ करप्शन की शिकायत होती है, सरकार उसी अफसर को जांच सौंप देती है। ऐसे में जांच का कोई मतलब ही नहीं रह जाता। नीचे काम करने वाले छोटे कर्मचारियों को बात-बात पर सस्पेंड किया जाता है, लेकिन असली खेल करने वाले बड़े अफसर पूरी तरह सुरक्षित बैठे हैं।
बड़े नाम और बड़े घोटाले, जिन पर हो रही लीपापोती
चीफ सेक्रेटरी को भेजी गई 14 मामलों की लिस्ट में कई चौंकाने वाले नाम हैं:
शराब घोटाला: आरोप है कि इस मामले में पूर्व चीफ सेक्रेटरी अमिताभ जैन और विवेक ढांड को बचाने की कोशिश हो रही है।
ACB/EOW की भूमिका पर सवाल: ईओडब्ल्यू के डायरेक्टर अमरेश मिश्रा पर सीधा आरोप है। लेटर के मुताबिक, वो जानबूझकर ऐसी 'सिलेक्टिव' जांच कर रहे हैं जिससे पूर्व सीएम भूपेश बघेल को बचाया जा सके।
बुलेटप्रूफ जैकेट घोटाला: भूपेश बघेल के सीएम रहते पुलिस हेडक्वार्टर में बुलेटप्रूफ जैकेट की खरीदी में हुए करप्शन की फाइल भी दबा दी गई है।
DMF और लेबर डिपार्टमेंट: कोरबा में 25 करोड़ के खनिज फंड (DMF) घोटाले में आईएएस संजीव झा और लेबर डिपार्टमेंट में भ्रष्टाचार के मामले में आईएएस हिमशिखर गुप्ता के खिलाफ पीएमओ से आई शिकायतों पर कोई एक्शन नहीं हुआ।
चीफ सेक्रेटरी से मांगा जवाब
नरेश चंद्र गुप्ता ने चीफ सेक्रेटरी विकास शील से पत्र लिख कर पूछा है कि आखिर इन 14 शिकायतों का हुआ क्या? उन्होंने लेटर में लिखा है कि आप ब्यूरोक्रेसी के मुखिया हैं और आपकी छवि साफ-सुथरी है, इसलिए जनता को आपसे उम्मीद है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
