बीएसपी में 250 टन लौह स्क्रैप चोरी: जांच के लिए पहुंची सीबीआई, 4 घंटे तक खंगाले एसएमएस-3 और प्लेट मिल के दस्तावेज
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में हुए 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में अब नया घटनाक्रम सामने आया है। करोड़ों रुपए के इस महाघोटाले में सीबीआई की एंट्री होने से संयंत्र प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। रविवार के दिन केंद्रीय जांच एजेंसी की पांच सदस्यीय टीम ने बीएसपी के भीतर अचानक दबिश दी और कई घंटों तक जांच की।
रविवार सुबह करीब 10 बजे सीबीआई की यह टीम बीएसपी के मुख्य गेट पर पहुंची। केंद्रीय एजेंसी के इस औचक आगमन की सूचना प्राप्त होते ही बीएसपी प्रबंधन और सीआईएसएफ के आला अधिकारी सकते में आ गए। मुख्य गेट पर प्रवेश की जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, जांच टीम ने प्लांट के भीतर प्रवेश किया। पांच सदस्यीय यह टीम बिना किसी रुकावट के स्टील मेल्टिंग शॉप (एसएमएस-3) और प्लेट मिल के कार्यालयों में पहुंची। वहां अधिकारियों ने लगातार 4 घंटे तक एक-एक कर महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला।
फ्लू डस्ट की आड़ में पार होता था कीमती स्क्रैप
स्क्रैप चोरी का यह तरीका काफी योजनाबद्ध था। फ्लू डस्ट की आड़ में अंधेरे का फायदा उठाकर कीमती लौह स्क्रैप को पार किया जाता था। इस पूरे मामले को पूर्व में ही प्रमुखता से उजागर किया जा चुका है। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और केंद्रीय एजेंसी ने इस प्रकरण को अपने हाथ में ले लिया। ज्ञात हो कि इस मामले में 10 जुलाई 2026 को पहले ही बड़ा एक्शन लिया जा चुका है, जब इंजीनियरिंग एसोसिएट-जीएम स्तर के अधिकारी को गिरफ्तार किया गया था।
रडार पर कई बड़े अधिकारी, व्यापक कार्रवाई की तैयारी
जांच टीम ने एसएमएस-3 और प्लेट मिल के कार्यालयों में जो दस्तावेज खंगाले हैं, उनसे कई नई जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। सीबीआई अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि रविवार का दिन होने के कारण यह सिर्फ शुरुआती स्तर की जांच थी। आने वाले समय में एक बड़ी टीम यहां पहुंचेगी और व्यापक स्तर पर कार्रवाई करेगी। इस बड़ी कार्रवाई से स्क्रैप चोरी सिंडिकेट के मगरमच्छों पर शिकंजा कसेगा।
केंद्रीय जांच एजेंसी के राडार पर अब कई और बड़े अधिकारी भी हैं। इस जांच के दायरे में मुख्य रूप से टेंडर प्रक्रिया को रखा जाएगा। इसके अलावा स्क्रैप यार्ड के अधिकारी, ब्लास्ट फर्नेस-8 और मैगडम से फ्लू डस्ट बाहर निकालने की पूरी कार्यप्रणाली जांच के केंद्र में होगी।
टूटेगा भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों का गठजोड़
इस निष्पक्ष जांच के जरिए एक बड़े गठजोड़ का पर्दाफाश होने की पूरी संभावना है। यह गठजोड़ बीएसपी के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों, वहां तैनात सीआईएसएफ कर्मियों, रसूखदार ठेकेदारों और ट्रांसपोर्टरों को मिलाकर बना था। इसी मिलीभगत से करोड़ों रुपए का लौह स्क्रैप संयंत्र से बाहर जाता था। अब 4 घंटे तक चले दस्तावेजों के इस परीक्षण के बाद, आने वाले दिनों में जांच की आंच कई अन्य जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों तक पहुंचने की चर्चा तेज हो गई है।
