राहुल गांधी का फर्जी निजी सचिव बनकर कांग्रेस नेता से 10 लाख की ठगी, VIP मुलाकात और प्रशिक्षण शिविर का दिया झांसा

राहुल गांधी का फर्जी निजी सचिव बनकर कांग्रेस नेता से 10 लाख की ठगी, VIP मुलाकात और प्रशिक्षण शिविर का दिया झांसा

कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कांग्रेस के एक प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य (PCC सदस्य) से 10 लाख रुपये की कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने खुद को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निजी सचिव कनिष्क सिंह के रूप में परिचित कराया और पार्टी के प्रशिक्षण शिविर की आड़ में कांग्रेस नेता को अपने झांसे में ले लिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रशिक्षण शिविर का झांसा देकर किया संपर्क
पीड़ित कांग्रेस नेता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 जनवरी को उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने स्वयं को राहुल गांधी के निजी सचिव कनिष्क सिंह बताते हुए कहा कि कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई का एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम चंडीगढ़ में आयोजित होने वाला है, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

होटल व्यवस्था के बहाने बनाया भरोसा
शिकायत के अनुसार, शुरुआत में फोन करने वाले ने कार्यक्रम के लिए वरिष्ठ नेताओं के ठहरने की व्यवस्था कराने को कहा। कुछ समय बाद उसने दोबारा संपर्क कर बताया कि होटल की व्यवस्था पार्टी आलाकमान स्वयं कर रहा है, लेकिन इसके लिए तत्काल आर्थिक व्यवस्था की जरूरत है। आरोप है कि उसने पीड़ित नेता और एक अन्य संगठन पदाधिकारी से 10 लाख रुपये की व्यवस्था कर चंडीगढ़ के सेक्टर-35 स्थित एक होटल पहुंचने के लिए कहा।

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बड़े नेताओं से मुलाकात का भी दिया लालच
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने यह भरोसा भी दिलाया कि इस काम के बदले उनकी मुलाकात पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से कराई जाएगी। इसी विश्वास में आकर पीड़ित कथित तौर पर ठगी का शिकार हो गया।

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पुलिस ने शुरू की जांच
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां कॉल डिटेल, व्हाट्सएप नंबर, बैंकिंग लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा खुद को किसी बड़े नेता, सरकारी अधिकारी या प्रभावशाली पदाधिकारी का प्रतिनिधि बताकर पैसे मांगे जाने पर उसकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें और किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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