मांगों की आड़ में सड़कों पर अराजकता: रसोइयों का उग्र प्रदर्शन, राजधानी में कानून व्यवस्था तार-तार

मांगों की आड़ में सड़कों पर अराजकता: रसोइयों का उग्र प्रदर्शन, राजधानी में कानून व्यवस्था तार-तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में कानून-व्यवस्था को खुलेआम चुनौती देने का मामला सामने आया है। अभनपुर थाना क्षेत्र में छत्तीसगढ़ स्कूल मध्यान्ह भोजन रसोईया संयुक्त संघ का धरना-प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र आंदोलन में तब्दील हो गया। 29 जनवरी को ग्राम तूता रेलवे अंडरब्रिज के पास शुरू हुआ प्रदर्शन, अंततः मुख्य मार्ग पर चक्काजाम और नारेबाजी में बदल गया, जिससे राजधानी की यातायात व्यवस्था ठप हो गई।

शांत धरना, फिर अचानक उग्रता
पुलिस के अनुसार शुरुआती तौर पर धरना शांतिपूर्ण था, लेकिन धरना समाप्त होने के बाद कुछ नेताओं के भड़काऊ भाषणों ने माहौल को आग में झोंक दिया। आरोप है कि उत्तेजक भाषणों के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारी राम गुलाम ठाकुर के नेतृत्व में नवा रायपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया।

मुख्यमंत्री और मंत्रियों के खिलाफ आपत्तिजनक नारे
इस दौरान शासन-प्रशासन, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां और नारेबाजी की गई। मुख्य मार्ग पर जाम के चलते आम नागरिक, स्कूली वाहन और आपात सेवाएं तक प्रभावित हुईं। कई घंटों तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

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प्रशासन की समझाइश को ठेंगा
कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अभनपुर ने रैली को अवैध घोषित करते हुए बार-बार चेतावनी दी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने किसी भी निर्देश का पालन नहीं किया। प्रशासन की समझाइश के बावजूद सड़क खाली नहीं की गई, जिससे साफ हो गया कि आंदोलन नियंत्रण से बाहर जा चुका था।

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500 से अधिक पर FIR, बड़े नाम भी शामिल
थाना प्रभारी अभनपुर की रिपोर्ट पर पुलिस ने संघ के शीर्ष पदाधिकारियों समेत 500–600 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में रामराज कश्यप (प्रदेश अध्यक्ष), मेघराज बघेल (प्रदेश सचिव), कचरा चंद्राकर (प्रदेश उपाध्यक्ष), सुनीता, उल्फी यादव, कन्हैया यादव (प्रदेश कोषाध्यक्ष) और राम गुलाम ठाकुर शामिल हैं। सभी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2) और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

वीडियो फुटेज के आधार पर कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था भंग करने और आमजन को बंधक जैसी स्थिति में डालने के इस मामले में जांच जारी है। वीडियो फुटेज, फोटो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

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