दागी अफसरों का नेक्सस टूटेगा फाइलों में खेल करने वाले भी नपेंगे

दागी अफसरों का नेक्सस टूटेगा फाइलों में खेल करने वाले भी नपेंगे

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रिटायरमेंट की आड़ लेकर भ्रष्टाचार के मामलों से बचने वाले दागी अधिकारियों का खेल अब पूरी तरह खत्म होने वाला है। राज्य के प्रशासनिक हलकों में लंबे समय से यह परिपाटी हावी थी कि गंभीर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार में फंसे बड़े अफसरों की विभागीय जांच को जानबूझकर लटका दिया जाता था। इसका मुख्य उद्देश्य दागी अफसरों को आसानी से सेवानिवृत्त होने का मौका देना होता था। इसके बाद चार साल पुराने मामले में जांच न हो पाने के कानूनी नियम का फायदा उठाकर ऐसे अधिकारी बेदाग बच निकलते थे। लेकिन अब राज्य लोक आयोग के कड़े रुख के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने एक ऐसा फरमान जारी किया है जिसने समूची ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मचा दिया है।

 पेंडिंग फाइलों का खेल और आयोग की नाराजगी

वर्तमान में प्रदेश के पचास से अधिक आईएएस आईएफएस और आईपीएस स्तर के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के बेहद गंभीर आरोप हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और एंटी करप्शन ब्यूरो लगातार छापामार कार्रवाइयां कर रहे हैं और हर साल कई भ्रष्ट अफसरों को रंगे हाथ पकड़ा जा रहा है। इतनी कड़ी कार्रवाइयों के बावजूद विभागीय स्तर पर होने वाली लेटलतीफी के कारण भ्रष्ट अफसरों की न तो पेंशन रुक पाती थी और न ही सरकारी धन की वसूली हो पाती थी।

Read More कीचड़ में धसे एक कैप्सूल वाहन को निकाने पहुंचा दूसरा कैप्सूल वाहन , दोनों फंसे , लगा रहा घंटों जाम

इस पूरे नेक्सस को तोड़ते हुए लोक आयोग ने सरकार को बेहद कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच को लंबित रखकर नियम 9(2)(बी)(2) का हवाला देते हुए प्रकरण समाप्त करने की प्रवृत्ति सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को संस्थागत संरक्षण देना है।

Read More छत्तीसगढ़ में पहली कक्षा में प्रवेश के बदले नियम: अब 6 वर्ष होगी न्यूनतम आयु, सरकार ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

 जांच अधिकारियों की भी तय होगी जिम्मेदारी

अब विभागीय जांच में जानबूझकर देरी करने वाले जांच अधिकारी भी सीधे तौर पर कार्रवाई की जद में आएंगे। लोक आयोग की नई सिफारिशों के अनुसार यदि किसी आरोपी अधिकारी के रिटायर होने में छह महीने से कम का वक्त बचा है तो जांच अधिकारी को तत्काल और सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ कार्रवाई करनी होगी। ऐसा न करने पर जांच अधिकारी को ही दोषी मानकर उस पर कठोर एक्शन लिया जाएगा। इसके साथ ही दागी अधिकारियों की पेंशन रोकने और उनसे सरकारी धन के नुकसान की एक एक पाई की वसूली करने के लिए सीधे राज्यपाल से अनुमति लेकर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

 

सामान्य प्रशासन विभाग का कड़ा निर्देश

 

25 मार्च 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग ने इस पूरे मामले में सभी विभागाध्यक्षों संभागायुक्तों कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने अपने पत्र में स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 के नियम 8 9 और 65 के तहत अब तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

Tags:

Latest News

 बाल संप्रेक्षण गृह : चौकीदार हत्या मामले में परिजन कर रहे CBI जाँच की मांग बाल संप्रेक्षण गृह : चौकीदार हत्या मामले में परिजन कर रहे CBI जाँच की मांग
'युवाओं के लिए कैसे आदर्श?' समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी, 10 लाख का जुर्माना
5 लाख में एक दुर्लभ मामला! 3 महीने के मासूम के पेट से निकला अधूरा जुड़वां भ्रूण, सफल सर्जरी के बाद बच्चा स्वस्थ
आदिवासी विकास पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड: ढाई वर्षों की उपलब्धियों का ब्यौरा, मंत्री रामविचार नेताम ने गिनाए बड़े बदलाव
50 वर्षो से निवासरत ग्रामीणों को 3 दिन का अल्टीमेटम , सरपंच व सचिव की मनमानी
150 बच्चों के लिए सिर्फ 3 शिक्षक! नाराज छात्रों ने स्कूल में जड़ा ताला, पढ़ाई पूरी तरह ठप
रायपुर में 'पुष्पा' स्टाइल खैर तस्करी का भंडाफोड़! दो ट्रक से ज्यादा लकड़ी जब्त, गोदाम सील, तस्कर फरार
रथयात्रा से पहले गुजरात ATS का बड़ा ऑपरेशन! 5 संदिग्ध हिरासत में, जैश-ए-मोहम्मद से संभावित कनेक्शन की जांच
BREAKING: डीजल चोरों को छोड़ना पड़ा महंगा! ASI उमेश उपाध्याय सस्पेंड, SSP का बड़ा एक्शन
फेसबुक पर BJP विधायक पुरंदर मिश्रा के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी, शिकायत के बाद युवक पर FIR दर्ज
सुंदरकांड को लेकर गुरुग्राम में सियासी घमासान! BJP कार्यालय के बाहर कांग्रेस के कार्यक्रम पर प्रशासन सख्त, 300 मीटर तक धारा 144 लागू
राजधानी के स्कूल में खूनी बवाल! पानी फेंकने की कहासुनी के बाद 11वीं के छात्र पर चाकू से हमला