मानसून बना मौत का मौसम! करैत के कहर से 3 दिन में 6 मौतें, दो मासूम भाइयों की भी गई जान
अंबिकापुर/बलरामपुर/जशपुर। सरगुजा संभाग में मानसून के साथ जहरीले सांपों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले तीन दिनों में सर्पदंश से छह लोगों की मौत होने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ताजा मामलों में बलरामपुर जिले के दो मासूम सगे भाइयों और जशपुर की एक महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। तीनों का इलाज अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा था, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के मौसम में घरों और आंगनों में जहरीले सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं, जिससे रात में जमीन या खाट पर सोने वाले लोगों पर सबसे अधिक खतरा मंडरा रहा है।
खाट पर सो रहे दो भाइयों को करैत ने डसा
बलरामपुर जिले के पिपरसोत गांव में गुरुवार देर रात 9 वर्षीय विकास नगेशिया और उसका 3 वर्षीय भाई विक्रांत नगेशिया घर के बाहर खाट पर सो रहे थे। रात करीब साढ़े 11 बजे विकास को शरीर में तेज दर्द महसूस हुआ और उसकी नींद खुल गई। शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो खाट पर जहरीला करैत सांप दिखाई दिया। घबराए परिजन दोनों बच्चों को तत्काल स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान पहले बड़े भाई विकास की मौत हो गई, जबकि आईसीयू में भर्ती छोटे भाई विक्रांत ने भी कुछ घंटे बाद दम तोड़ दिया।
जशपुर में महिला की भी नहीं बच सकी जान
इसी तरह जशपुर जिले के डोकड़ा गांव निवासी 43 वर्षीय सेबेपितया को 30 जून की रात उस समय सांप ने काट लिया, जब वह घर में चटाई बिछाकर सो रही थी। परिजनों ने कमरे में करैत सांप देखा और तुरंत महिला को फरसाबहार अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। दोनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
लगातार बढ़ रहे सर्पदंश के मामले
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मानसून के दौरान खेतों और जंगलों से निकलकर सांप रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं, जिससे सर्पदंश की घटनाओं में तेजी आती है। इससे पहले भी पिछले तीन दिनों में बलरामपुर के डंभाटोली गांव में पिता-पुत्री तथा सरगुजा के लखनपुर में 13 वर्षीय एक किशोरी की करैत के काटने से मौत हो चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन लोगों से सतर्क रहने, रात में जमीन पर न सोने, घरों के आसपास साफ-सफाई रखने तथा सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील कर रहे हैं।
