सारंगढ़-बिलाईगढ़ में हरियाली का नवाचार: बंजर जमीनों पर 'सीड बॉल' से उगेंगे जंगल, मंत्री टंकराम वर्मा ने किया 'बीज उत्सव' लोगो का विमोचन
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के बंजर, पठारी और वन विहीन इलाकों को हरा-भरा करने के लिए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला प्रशासन ने एक शानदार नवाचार किया है। 'बीज उत्सव' नाम के इस खास अभियान के लोगो का विमोचन प्रदेश के राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं उच्च शिक्षा मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने किया। कृषि उपज मंडी प्रांगण सारंगढ़ में आयोजित इस विमोचन कार्यक्रम में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और बरमकेला ब्लॉक के ग्राम खिचरी की शिक्षिका सुनीता यादव भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। प्रशासन का लक्ष्य इसी मानसून में इस नवाचार को धरातल पर उतारने का है।
क्या है कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू का यह नवाचार?
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के नेतृत्व में जिले के उन वन विहीन, पठारी और मैदानी क्षेत्रों को हरियाली से ढकने का लक्ष्य रखा गया है, जहां या तो पेड़ बिल्कुल नहीं हैं या बहुत कम हैं। इसके लिए 'सीड बॉल' का इस्तेमाल किया जाएगा। योजना के तहत मानसून के दौरान इन सीड बॉल्स को खुले और बंजर इलाकों में फेंका जाएगा, ताकि बारिश होते ही इनमें स्वतः अंकुरण शुरू हो सके। इस वृहद कार्य के लिए वन विभाग, उद्यानिकी और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 'बिहान' प्रोजेक्ट (महिला स्व-सहायता समूहों) के सहयोग से भारी मात्रा में सीड बॉल का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य विभागों और संस्थाओं से भी सहयोग लिया जा रहा है।
इन पेड़ों के तैयार हो रहे सीड बॉल
इस पूरे अभियान के तहत मुख्य रूप से जामुन, आम, बेर, महुआ, नीम, सीताफल, मुनगा, पीपल, बरगद, सरई और साजा जैसे फलदार और छायादार पेड़ों के सीड बॉल तैयार किए जा रहे हैं, ताकि हरियाली के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन भी बना रहे।
कैसे काम करेगा 'सीड बॉल' और क्या हैं इसके फायदे?
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने इस नवाचार की कार्यप्रणाली बताते हुए कहा कि सीड बॉल दरअसल मिट्टी से कवर किए गए छोटे बीज होते हैं। अगर हम खुले खेत या जमीन पर सिर्फ बीज ऐसे ही डाल दें, तो उसे चिड़िया ले जाती हैं या जानवर खा जाते हैं, जिससे पौधे का अंकुरण नहीं हो पाता। लेकिन जब बीज को मिट्टी से कवर करके बारिश के पहले खेतों में छोड़ दिया जाता है, तो नमी और सही मॉइस्चर-टेम्परेचर मिलते ही इसका ग्रोथ बहुत जल्दी होता है।
नहीं पड़ेगी किसी फर्टिलाइजर की जरूरत
कलेक्टर ने बताया कि आज जो सीड बॉल हमने प्लांटेशन के लिए तैयार किया है, वह न केवल हमारी बंजर भूमि को सुदृढ़ करेगा, बल्कि पौधारोपण में हमारे सक्सेस रेट को भी बढ़ाएगा। जब बारिश की वजह से मिट्टी गीली होगी, तो बीज अपने आप अंकुरित होगा। सबसे खास बात यह है कि इसमें अलग से कोई भी उर्वरा या फर्टिलाइजर डालने की जरूरत नहीं है, यह प्राकृतिक रूप से अपने आप ग्रोथ करेगा।
