छत्तीसगढ़ में गुम हो रहे बचपन की रिपोर्ट: रोज लापता हो रहे 7 बच्चे, रायपुर के साथ बिलासपुर में भी बढ़े मामले, गायब होने वालों में 80 प्रतिशत से ज्यादा बेटियां
रायपुर | छत्तीसगढ़ में बच्चों के अचानक गायब होने के आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं। प्रदेश भर में रोजाना औसतन सात बच्चे अपने घर से लापता हो रहे हैं। पुलिस थानों में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2024 से लेकर 25 जून 2026 तक के करीब डेढ़ साल के वक्त में 4,900 से ज्यादा बच्चों की गुमशुदगी के मामले सामने आए हैं। औसतन हर महीने 200 से अधिक बच्चे अपने परिवार से बिछड़ रहे हैं। गुम होने वाले इन बच्चों के आंकड़ों में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि लापता होने वाले हर पांच बच्चों में से चार लड़कियां हैं।
राजधानी रायपुर में सबसे ज्यादा मामले
बच्चों के गायब होने के मामले में राजधानी रायपुर की स्थिति पूरे प्रदेश में सबसे ऊपर है। पिछले वर्ष, यानी 2025 में अकेले रायपुर जिले से 632 बच्चे लापता हुए थे। इनमें लड़कों की संख्या 119 थी, जबकि गायब होने वाली लड़कियों की संख्या 513 दर्ज की गई। पुलिस की कार्रवाई में इनमें से 448 बच्चों को तो खोज लिया गया, लेकिन 184 बच्चों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। ये बच्चे आज भी पुलिस की तलाश सूची में दर्ज हैं और उनके परिवार वाले इंतजार कर रहे हैं।
इस साल भी हालात जस के तस बने हुए हैं। 1 जनवरी से 25 जून 2026 तक के आंकड़ों पर गौर करें तो, इन छह महीनों के भीतर रायपुर जिले में 354 बच्चे गुम हो चुके हैं। इस अवधि में भी लापता होने वालों में 66 बालक और 288 बालिकाएं शामिल हैं। हालांकि पुलिस की टीम जांच करते हुए अब तक 236 बच्चों को ढूंढने में कामयाब रही है। बाकी बचे बच्चों को तलाशने के लिए जांच की कार्रवाई अभी जारी है।
हर 5 में 4 लड़कियां गायब, बिलासपुर में भी बढ़े केस
रायपुर जिले में वर्ष 2025 और 2026 के आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि गायब होने वाले बच्चों में करीब 81 प्रतिशत बालिकाएं हैं। सिर्फ रायपुर ही नहीं, प्रदेश के अन्य बड़े जिलों के थानों में भी गुमशुदगी की फाइलें लगातार बढ़ रही हैं। वर्ष 2025 के दर्ज मामलों को देखें तो बिलासपुर से भी 426 बच्चे गायब हुए थे। इसी तरह दुर्ग जिले में 343, जांजगीर-चांपा में 298, कोरबा में 234 और रायगढ़ से 171 बच्चों के लापता होने के केस पुलिस तक पहुंचे थे।
प्रदेश भर के बड़े शहरों में जिस रफ्तार से बच्चे गायब हो रहे हैं, वह पुलिस महकमे के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। थानों में लगातार शिकायतें पहुंच रही हैं और पुलिस की टीम खोजबीन में लगी है। बरामद किए गए बच्चों की संख्या बताती है कि पुलिस काम कर रही है, फिर भी लापता बच्चों का बड़ा आंकड़ा जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर दबाव बना रहा है। सभी जिलों में गुम हुए बच्चों को सुरक्षित वापस लाने के लिए सघन अभियान और तेज कार्रवाई की दरकार है।
