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DEO ऑफिस में आग या लापरवाही? शॉर्ट सर्किट ने निगले 26 साल के रिकॉर्ड, नई बिल्डिंग की फाइलें खाती रहीं धूल
रायपुर। राजधानी रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में शनिवार रात लगी आग ने शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टोर रूम में लगी इस आग में 26 वर्षों का शैक्षणिक और प्रशासनिक डेटा पूरी तरह जलकर खाक हो गया। हैरानी की बात यह है कि हादसे की आशंका पहले से जताई जा चुकी थी, इसके बावजूद नई बिल्डिंग के प्रस्ताव को वर्षों तक मंजूरी नहीं दी गई।
आग लगने के दो दिन बाद भी कार्यालय की व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। कर्मचारी अंधेरे और अस्थायी इंतजामों के बीच काम करने को मजबूर हैं, हालांकि ऑफिस का कामकाज किसी तरह जारी रखा गया है।
प्राथमिक जांच: हादसा या लापरवाही?
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। DEO कार्यालय के मुताबिक, यह मामला फिलहाल साजिश नहीं बल्कि दुर्घटना के रूप में देखा जा रहा है। वहीं शासन स्तर पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति आग लगने के हर पहलू की पड़ताल कर रही है।
DEO कार्यालय एक करीब 100 साल पुरानी जर्जर इमारत में संचालित हो रहा था, जिसकी मरम्मत कई बार कराई जा चुकी थी। स्थानीय प्रशासन को हादसे की आशंका पहले से थी और इसी वजह से नई बिल्डिंग का प्रस्ताव शिक्षा विभाग को भेजा गया था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली। अब जब दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए हैं, तो उसी प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है।
23 आलमारियां, 150 बस्ते और कंप्यूटर जलकर राख
DEO कार्यालय के अनुसार आग में छात्रवृत्ति, मध्यान्ह भोजन योजना, अनुकंपा नियुक्ति, स्थापना शाखा, स्कूल मान्यता और अनुदान, इंस्पायर अवॉर्ड, विधि कक्ष, वित्त, बजट, मदरसा और अनुदान से जुड़े रिकॉर्ड पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। आग में 23 आलमारियों में रखे करीब 150 बस्ते, कई कंप्यूटर और अन्य सामग्री जलकर राख हो गई। स्टॉक रजिस्टर भी जल जाने से यह तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि स्टोर रूम में कुल कितना सामान रखा गया था।
डेटा रिकवरी शुरू, लेकिन पूरी उम्मीद नहीं
जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु ने बताया कि आग में जले दस्तावेजों की रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। छात्रवृत्ति और मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाओं का डेटा ऑनलाइन उपलब्ध होने के कारण उन्हें दोबारा जुटाया जा सकेगा। हालांकि 2008 से पहले की फाइलों का डिजिटलीकरण नहीं हुआ था, ऐसे में उस अवधि का पूरा रिकॉर्ड दोबारा मिल पाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि पुराने दस्तावेजों का वर्तमान उपयोग सीमित था, लेकिन उनका नष्ट होना विभाग के लिए बड़ा झटका है।
शनिवार रात 8:30 बजे भड़की आग
शनिवार रात करीब 8 से 8:30 बजे DEO कार्यालय से लगे स्टोर रूम में अचानक आग की लपटें उठीं। आग तेजी से फैलती चली गई। सूचना मिलने के करीब 20 मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन देर रात तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका।
फोरेंसिक जांच, इलाका सील
कोतवाली पुलिस ने घटनास्थल के अहम हिस्से को सील कर दिया है। रविवार को अवकाश के बावजूद फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, हालांकि लगातार धुएं के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी। पुलिस, फायर ब्रिगेड और जांच समिति अपने-अपने स्तर पर कारणों की पड़ताल कर रही हैं।
साजिश की आशंका से इनकार नहीं
हालांकि प्रारंभिक तौर पर हादसा माना जा रहा है, लेकिन पुलिस ने साजिश की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया है। शासन के निर्देश पर संचालक लोक शिक्षण द्वारा गठित समिति को 5 दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्टोर रूम की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की भी संभावना जताई जा रही है।
राहत की बात: कोई जनहानि नहीं
इस भीषण आगजनी में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। राहत और बचाव दल की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन शिक्षा विभाग को वर्षों की फाइलें और रिकॉर्ड गंवाने पड़े।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
