CGPSC 2003 महाघोटाला: युवाओं का भविष्य निगलने वाले दागी अफसरों को बचाने 'सेटलमेंट' का खेल! मुख्य याचिकाकर्ता की दो टूक- सौदा नहीं, न्याय चाहिए

CGPSC 2003 महाघोटाला: युवाओं का भविष्य निगलने वाले दागी अफसरों को बचाने 'सेटलमेंट' का खेल! मुख्य याचिकाकर्ता की दो टूक- सौदा नहीं, न्याय चाहिए

रायपुर।छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा और शर्मनाक 'CGPSC 2003 भर्ती घोटाला' एक बार फिर सुर्खियों में है। 21 साल से न्याय की आस में बैठे प्रदेश के होनहार युवाओं के जख्मों पर अब 'सुलह' और 'समझौते' का नमक छिड़कने की तैयारी हो रही है। जिस मामले में हाईकोर्ट सरेआम भ्रष्टाचार की पुष्टि कर चुका हो, अब उसे सुप्रीम कोर्ट की विशेष लोक अदालत के जरिए रफा-दफा करने की कवायद चल रही है।

लेकिन, इस सिस्टम के खिलाफ पिछले दो दशक से चट्टान की तरह खड़ी मुख्य याचिकाकर्ता वर्षा डोंगरे ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार का कोई आउट-ऑफ-कोर्ट सेटलमेंट नहीं होता। उन्होंने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि इस मामले में किसी भी तरह के समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्हें और प्रदेश के युवाओं को सिर्फ न्याय चाहिए।

 

Read More Raipur Fraud Case: रायपुर में हाई-प्रोफाइल ठगी का खुलासा, जाली नोटों के नाम पर 1.13 करोड़ लेकर फरार आरोपी; बड़े नेटवर्क की जांच शुरू

क्या मेरिट के कत्ल का भी समझौता होता है?

सुप्रीम कोर्ट में यह मामला लंबे समय से लंबित है। अब विवाद को आपसी सहमति से निपटाने के लिए वर्षा डोंगरे, राज्य सरकार और अन्य पक्षकारों को मुंगेली और कबीरधाम के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों में तलब किया गया है। सवाल यह है कि क्या उन युवाओं के बर्बाद हुए करियर का 'समझौता' हो सकता है, जिन्हें अयोग्य लोगों ने सिस्टम से बाहर फेंक दिया था?

Read More रायपुर में 660 पुलिसकर्मियों के पद रिक्त, 25 लाख की आबादी का ट्रैफिक संभालने सिर्फ 390 जवान

वर्षा डोंगरे का तर्क सीधा और तीखा है— जब 2017 में बिलासपुर हाईकोर्ट ने डंके की चोट पर माना था कि चयन प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार हुआ है और चयन सूची को संशोधित करने का ऐतिहासिक आदेश दिया था, तो राज्य सरकार ने उसका पालन क्यों नहीं किया? भ्रष्ट अफसरों को बचाने के लिए स्टे का खेल क्यों खेला गया?

सिस्टम का नंगा नाच: अयोग्य बन गए साहब, असली हकदार आज भी सड़क पर

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की रिपोर्ट और 2017 के हाईकोर्ट के फैसले को देखें, तो यह सिर्फ घोटाला नहीं, बल्कि योग्यता का सिंडिकेट मर्डर था।

 अंधेरगर्दी की इंतहा: राजीव सिंह चौहान जैसे उम्मीदवार को सामान्य वर्ग का होने के बावजूद, फर्जी तरीके से एससी (SC) कोटे में लेखाधिकारी की कुर्सी पर बैठा दिया गया।

 कम नंबर वालों की मौज: वर्षा डोंगरे जैसे होनहारों से कम अंक पाने वाले चहेतों को अफसर बना दिया गया। इनमें ऊषा किरण बरई (सहायक संचालक, जनसंपर्क), सारिका रामटेके (नायब तहसीलदार), और आबकारी उप-निरीक्षक के पद पर बैठे मनोज लारोकर, सुनील कुमार, उमेश कुमार अग्रवाल और राजेंद्र नाथ तिवारी जैसे नाम शामिल हैं।

 आरक्षण का भी चीरहरण: 

ओबीसी के हीरालाल देवांगन की जगह नेहा पाण्डेय को और अजय शर्मा की जगह सौदागर सिंह को उपकृत कर दिया गया। पात्रता गई भाड़ में: सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि 52 ऐसे उम्मीदवारों को चुन लिया गया जो इंटरव्यू के लिए पात्र ही नहीं थे! वहीं, 17 ऐसे मेधावी उम्मीदवार जो हर तरह से योग्य थे, उन्हें सिस्टम ने लात मारकर बाहर कर दिया।

आखिर सुलह की बेचैनी क्यों?

इस पूरे सेटलमेंट के खेल के पीछे एक बहुत बड़ा डर छिपा है। अगर 2017 के हाईकोर्ट के आदेशानुसार दोबारा स्केलिंग कर मेरिट सूची जारी कर दी गई, तो छत्तीसगढ़ के दो दर्जन से ज्यादा 'दागी' रसूखदार अफसरों की कुर्सियां छिन जाएंगी। सिस्टम में दीमक की तरह घुसे इनमें से कुछ अफसर तो आज प्रमोट होकर IAS (भारतीय प्रशासनिक सेवा) तक की मलाई काट रहे हैं। अगर न्याय हुआ, तो इन नकली अफसरों को अपनी नाम-पट्टिकाएं उतारकर घर बैठना पड़ेगा और उन्हें वह तनख्वाह और रुतबा वापस करना होगा जो उन्होंने 21 सालों तक असल हकदारों से छीना है। यही कारण है कि अब 'सुलह' का झुनझुना थमाया जा रहा है।

Error on ReusableComponentWidget
Tags:

Latest News

रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए शिक्षा विभाग के बाबू पर गिरी गाज, कोर्ट की 3 साल की सजा के बाद नौकरी से बर्खास्त रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए शिक्षा विभाग के बाबू पर गिरी गाज, कोर्ट की 3 साल की सजा के बाद नौकरी से बर्खास्त
कवर्धा में नकली नोटों की फैक्ट्री का पर्दाफाश! कलर प्रिंटर से छाप रहे थे 500 के नोट, 3 गिरफ्तार, ऐसे हुआ खुलासा....
एक फंदा, दो जिंदगियां खत्म, दंपती ने दी जान, दो मासूम बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
ध्रुव राठी के विवादित वीडियो पर बड़ा अपडेट, Google ने भारत में रोका प्रसार; दिल्ली HC में हुई सुनवाई
दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेटर अभिषेक पोरेल पर रेप का आरोप, हाईकोर्ट ने दिया गिरफ्तारी का आदेश
ईओडब्ल्यू डीजी को शिकायत: पूर्व सीएम शिवराज व उनके परिवार की कंपनियों, व्यापमं और दिलीप बिल्डकॉन की जांच की मांग
शराब घोटाले में ED का बड़ा एक्शन: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार, 3400 करोड़ के केस में आज कोर्ट में पेशी
चाकूबाजी की दो वारदात, ऑटो चालक की मौत, दूसरे युवक पर भी चाकू से हमला, पकड़े गए आरोपी
15 अगस्त से पहले बड़ा खतरा टला! पाकिस्तान से आए हथियारों के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार, गुरुग्राम में फायरिंग की थी तैयारी
झीरम घाटी केस का फाइनल राउंड: 13 साल बाद फैसले की आहट, आज बचाव पक्ष की आखिरी दलील
‘सितार’ की जांच में खुला 317 करोड़ का हिसाब! गुरमुख जुमनानी पर GST का बड़ा शिकंजा, 90 दिन की मोहलत
गतौरा शराब दुकान में लूट का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, कर्ज चुकाने के लिए बनाई थी वारदात की योजना