CG Breaking: छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, IAS रमेश कुमार शर्मा बने सहकारिता आयुक्त; वन विभाग के 4 बड़े अफसरों का भी प्रभार बदला
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने प्रशासनिक कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया है। शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के कई वरिष्ठ अधिकारियों के प्रभार में बदलाव करते हुए उन्हें नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस अहम प्रशासनिक बदलाव के तहत गृह विभाग में बतौर सचिव सेवाएं दे रहे सीनियर आईएएस अफसर रमेश कुमार शर्मा को अब सहकारिता विभाग की कमान सौंपी गई है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश
महानदी भवन स्थित सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) मंत्रालय की ओर से इस संबंध में विधिवत आदेश जारी कर दिए गए हैं। जीएडी सचिव रजत कुमार द्वारा जारी ट्रांसफर आदेश के मुताबिक, आईएएस रमेश कुमार शर्मा को आयुक्त, सहकारिता तथा पंजीयक (रजिस्ट्रार), सहकारी संस्थाएं के पद पर नियुक्त किया गया है।
गौरतलब है कि रमेश कुमार शर्मा अब तक राज्य के गृह विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे। छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य में सहकारिता विभाग की भूमिका किसानों, सोसायटियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम होती है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल की इस कड़ी में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए यह नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।

वन विभाग में भी बड़ा बदलाव, 4 IFS अफसरों को नई जिम्मेदारी
आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ राज्य के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। शासन ने वन महकमे के उच्च स्तर पर फेरबदल करते हुए चार वरिष्ठ आईएफएस (IFS) अधिकारियों को नया दायित्व सौंपा है।
वन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार:
कोलेन्द्र कुमार को अतिरिक्त प्रभार: प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान एवं मूल्यांकन) के पद पर पदस्थ वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी कोलेन्द्र कुमार को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ ही एक और बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
अब वे छत्तीसगढ़ राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायपुर के निदेशक (Director) का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।
इनके अलावा तीन अन्य वरिष्ठ वन अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है, ताकि विभागीय कार्यों को नई दिशा दी जा सके।
प्रशासनिक कसावट की दिशा में कदम
राज्य शासन का यह कदम प्रदेश में सुशासन, वन प्रबंधन, अनुसंधान और विभागीय कार्यों में और अधिक तेजी लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
