फर्जी टीपी से चल रहा था खैर लकड़ी की तस्करी का खेल: नाकों पर क्यूआर स्कैनर नहीं होने का तस्कर उठा रहे फायदा; मास्टरमाइंड फरार

फर्जी टीपी से चल रहा था खैर लकड़ी की तस्करी का खेल: नाकों पर क्यूआर स्कैनर नहीं होने का तस्कर उठा रहे फायदा; मास्टरमाइंड फरार

रायपुर।छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित लकड़ी की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। वन विभाग की जांच में यह बात सामने आई है कि तस्कर फर्जी ट्रांजिट परमिट (टीपी) बनाकर आंध्र प्रदेश और ओडिशा से लकड़ी की खेप छत्तीसगढ़ के रास्तों से होते हुए अन्य राज्यों में भेज रहे थे। इस गिरोह का मास्टरमाइंड एक कंप्यूटर ऑपरेटर की मदद लेता था। वह ऐसी फर्जी टीपी तैयार करवाता था जो बिल्कुल असली जैसी दिखती थी। इसी के सहारे तस्करी वाले वाहन आसानी से वन विभाग के चेकपोस्ट पार कर जाते थे।

नाकों पर स्कैनर नहीं, स्टाफ को पूरी जानकारी का अभाव

अधिकारियों के अनुसार, इन दिनों एनटीपीएस प्रणाली के तहत कंप्यूटर आधारित टीपी जारी होती है। इसमें एक क्यूआर कोड दिया जाता है। लेकिन, कई चेकपोस्टों पर इस कोड को जांचने के लिए स्कैनर ही मौजूद नहीं हैं। नाकों पर तैनात कुछ कर्मचारियों को कंप्यूटर सिस्टम की पूरी जानकारी भी नहीं है। तस्कर इसी कमी का भरपूर फायदा उठा रहे थे। फर्जी टीपी इतनी बारीकी से बनाई जाती थी कि चेकपोस्ट का स्टाफ उसे असली मानकर गाड़ियों को आगे जाने की अनुमति दे देता था।

Read More कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष मुश्किल में : कोल लेवी के बाद अब शराब और कस्टम मिलिंग मामले में भी होगी रामगोपाल की गिरफ्तारी

आदतन अपराधी है मनीष, 9 मोबाइल नंबर मिले बंद

Read More महादेव सट्टा एप केस: 940 करोड़ की संपत्तियां अटैच होने के बाद कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली में अरेस्ट, शेयर बाजार में खपा रहा था हवाला का पैसा

इस मामले के मुख्य आरोपी के खिलाफ रायपुर, माना, रायगढ़ और जांजगीर थानों में पहले से ही अपराध दर्ज हैं। विभाग के मुताबिक वह आदतन अपराधी है और फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है। वह अलग-अलग नौ मोबाइल नंबर चलाता था, जो कार्रवाई के वक्त बंद मिले। हालांकि, यार्ड की देखरेख करने वाले मुंशी इरफान का मोबाइल वन अमले ने जब्त किया है। उसमें आरोपी मनीष अग्रवाल से हुई बातचीत और फर्जी टीपी के लेन-देन के चैट मिले हैं।

पहले भी कई मामलों में आ चुका है नाम

वन परिक्षेत्र अधिकारी दीपक कुमार तिवारी ने जानकारी दी कि मनीष अग्रवाल का नाम पहले भी वन अपराधों में आ चुका है। 28 अक्टूबर 2020 को अवैध लकड़ी से भरा उसका एक ट्रक पकड़ा गया था, जिसमें उसे जेल भेजा गया था और वाहन राजसात किया गया था। कुछ माह पहले एक बंद राइस मिल में खैर और तेंदू लकड़ी के भंडारण में भी उसका नाम आया था। यही नहीं, 29 जुलाई 2021 को तेंदुए की खाल के अवैध व्यापार में भी उसकी भूमिका पाई गई थी।

तेंदुआ गांव में 25 लाख की लकड़ी जब्त

रायपुर के डीएफओ लोकनाथ पटेल ने बताया कि मुखबिर से तेंदुआ गांव के एक गोदाम में प्रतिबंधित खैर लकड़ी के अवैध भंडारण की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने वहां कार्रवाई की और 20 से 25 लाख रुपए की लकड़ी जब्त की। फिलहाल मुख्य आरोपी फरार है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। बता दें कि भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत बिना अनुमति ऐसी वन उपज की कटाई और परिवहन पर जब्ती, जुर्माना और कारावास का कड़ा कानूनी प्रावधान है।

Tags:

Latest News

आयुष्मान योजना में बड़ा खेल! कागजों पर मरीजों की अधिक भर्ती दिखाकर लाखों का क्लेम, अंबिकापुर के 5 निजी अस्पताल जांच के घेरे में आयुष्मान योजना में बड़ा खेल! कागजों पर मरीजों की अधिक भर्ती दिखाकर लाखों का क्लेम, अंबिकापुर के 5 निजी अस्पताल जांच के घेरे में
छत्तीसगढ़ विधानसभा का तीसरा दिन: सवालों की बौछार, ध्यानाकर्षण में उठेंगे बड़े मुद्दे, देखे लाइव वीडियो
Supreme Court में हाई-वोल्टेज हंगामा! जजों से तीखी बहस, दस्तावेज फेंकने के आरोप में प्रबल प्रताप समेत दो छात्र गिरफ्तार
iPhone यूजर्स की बड़ी टेंशन खत्म! iCloud के बिना भी WhatsApp Chats का होगा बैकअप?
सिर्फ दही खाने से नहीं सुधरती Gut Health! एक्सपर्ट ने बताए सबसे बड़े मिथक और सच्चाई
फर्जी टीपी से चल रहा था खैर लकड़ी की तस्करी का खेल: नाकों पर क्यूआर स्कैनर नहीं होने का तस्कर उठा रहे फायदा; मास्टरमाइंड फरार
महिला आयोग में कुर्सी की जंग: ममता ने संभाला कामकाज, दफ्तर पहुंचीं किरणमयी बोलीं- कार्यकाल मेरा, यह पद भी मेरा
पेण्ड्रा में सिस्टम लाचार: मुख्य मार्ग पर सरकारी जमीन कब्जा कर तान दी अवैध 'जी.के. टाउनशिप', 3 नोटिस के बाद भी निर्माण जारी
महादेव सट्टा एप केस: 940 करोड़ की संपत्तियां अटैच होने के बाद कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली में अरेस्ट, शेयर बाजार में खपा रहा था हवाला का पैसा
बाल संप्रेक्षण गृह : चौकीदार हत्या मामले में परिजन कर रहे CBI जाँच की मांग
'युवाओं के लिए कैसे आदर्श?' समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी, 10 लाख का जुर्माना
5 लाख में एक दुर्लभ मामला! 3 महीने के मासूम के पेट से निकला अधूरा जुड़वां भ्रूण, सफल सर्जरी के बाद बच्चा स्वस्थ