'यह लोकतंत्र की जीत है...' धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सोनम वांगचुक का बड़ा बयान, बोले- अब जवाबदेही नहीं, शिक्षा सुधार का वक्त
Sonam Wangchuk on Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में जारी छात्र आंदोलन को लेकर नई राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस फैसले का स्वागत किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने संदेश में वांगचुक ने लिखा, "यह लोकतंत्र की जीत है। यह सीधे सड़कों से निकले प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत है। यह शांति, धैर्य और लगातार संघर्ष की भी जीत है।" उन्होंने कहा कि जब नागरिक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते हैं, तो व्यवस्था को उनकी आवाज सुननी पड़ती है। उनके मुताबिक, यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
Gen Z छात्रों और आंदोलनकारियों को दी बधाई
सोनम वांगचुक ने CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) और देशभर के Gen Z छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लगातार मजबूती से उठाया। उन्होंने उन सभी नागरिकों का भी आभार जताया, जिन्होंने आंदोलन का समर्थन किया और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की है।
https://twitter.com/Wangchuk66/status/2080952734141088056?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2080952734141088056%7Ctwgr%5Edbff0c3012dae3b23e4e4e1edfd89acb5e38d780%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.aajtak.in%2Findia%2Fnews%2Fstory%2Fdharmendra-pradhan-resigns-sonam-wangchuk-cjp-protest-jantar-mantar-ntc-mnrd-dskc-2608896-2026-07-25
'इस्तीफा अंत नहीं, सुधार की शुरुआत है'
अपने संदेश के अंत में वांगचुक ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा केवल पहला कदम है। उन्होंने कहा कि अब सरकार को परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पेपर लीक पर प्रभावी रोक, पारदर्शी भर्ती और छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए ठोस एवं दीर्घकालिक कदम उठाने होंगे। उनके शब्दों में, "अब जवाबदेही से आगे बढ़कर सुधारों की ओर बढ़ने का समय है।"
NEET-UG विवाद के बीच आया इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा NEET-UG विवाद और देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच आया है। इस घटनाक्रम के बाद सोनम वांगचुक की प्रतिक्रिया को आंदोलन के समर्थकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वांगचुक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और संस्थागत जवाबदेही की वकालत करते रहे हैं। ऐसे में उनका यह बयान आंदोलन के अगले चरण और शिक्षा सुधार की बहस को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
