छत्तीसगढ़ विधानसभा में पहले ही दिन घमासान! राम मंदिर चंदा विवाद पर गूंजा सदन, हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन सदन में तीखा राजनीतिक टकराव देखने को मिला। कांग्रेस ने अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गड़बड़ी के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाकर तत्काल चर्चा की मांग की। प्रस्ताव पेश होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए और सदन में जोरदार बहस के साथ नारेबाजी शुरू हो गई।
स्थगन प्रस्ताव नामंजूर, विपक्ष का विरोध तेज
विपक्ष का कहना था कि मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय है और इस पर सदन में तत्काल चर्चा कराई जानी चाहिए। वहीं सत्ता पक्ष ने नियमों और प्रक्रिया का हवाला देते हुए इसका विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अध्यक्ष के निर्णय के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन के भीतर नारेबाजी शुरू कर दी। शोर-शराबे के बीच कार्यवाही सुचारु रूप से संचालित नहीं हो सकी और लगातार व्यवधान की स्थिति बनी रही।
दान को लेकर सत्ता-विपक्ष में तीखी नोकझोंक
बहस के दौरान भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सवाल किया कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए कितना दान दिया था। इस पर भूपेश बघेल ने सदन को बताया कि उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 1 लाख 21 हजार रुपये का योगदान दिया था। इसके बाद भी दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखी नोकझोंक जारी रही।
पहले पांच मिनट, फिर पूरे दिन के लिए स्थगित हुई कार्यवाही
लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने पहले सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित की। हालांकि दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी और विपक्ष का विरोध जारी रहा। अंततः सदन में लगातार बने गतिरोध को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी है। मानसून सत्र के पहले ही दिन हुए इस राजनीतिक गतिरोध ने संकेत दे दिए हैं कि आगामी बैठकों में भी विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
