आषाढ़ की कु ------ जैसी हालत हुई गोदी मीडिया की

आषाढ़ की कु ------ जैसी हालत हुई गोदी मीडिया की

लोकतंत्र की हत्या में भागीदार रहे एंकरों को अब आई पत्रकार संगठनों की याद, जब खुद पर आंच आई तो मांगने लगे मदद

बिलासपुर । लोकतंत्र की हत्या में बराबर की भागीदार रही गोदी मीडिया की हालत आज 'आषाढ़ की कु...' जैसी हो गई है। अपना अंतिम समय करीब देखते हुए अब यह मीडिया घबराहट में ऐसे प्रयास कर रही है जिससे उसकी बची-खुची साख किसी तरह बच सके। सत्ता की गोद में बैठकर पत्रकारिता करने वाले अब यह चाहते हैं कि उनके मददगार पत्रकार संगठन आगे आएं। देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान जनता के कोप का भागीदार बन रहे पत्रकारों के पक्ष में ये संगठन तत्काल प्रस्ताव पास करें। उनके साथ सड़क पर हो रहे दुर्व्यवहार की निंदा की जाए और इस संदर्भ में एक प्रस्ताव तैयार करके उचित माध्यम से दिल्ली प्रेस क्लब और एडिटर गिल्ड को भेजा जाए।

लेकिन, यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आज निंदा प्रस्ताव की मांग करने वाले ये पत्रकार संगठन उस समय कहां जाकर छिप गए थे, जब स्वतंत्र पत्रकारिता को कुचला जा रहा था। जब द वायर, न्यूज़ लॉन्ड्री, न्यूज़ क्लिक, बीबीसी जैसे संस्थानों और दर्जनों निष्पक्ष पत्रकारों के खिलाफ ईडी (ED) और यूएपीए (UAPA) के तहत साजिश पूर्वक कार्यवाही की गई, तब ये सारे संगठन और एंकर चुप रहे।

Read More Teacher’s Day 2026: CM साय का शिक्षकों से भावुक आग्रह- ‘हर बच्चे की क्षमता पहचानिए, जो पीछे रह गया उसका हाथ थामिए’

केरल से निकले उस पत्रकार का मामला इसका जीता-जागता उदाहरण है, जो उत्तर प्रदेश में एक बलात्कार पीड़िता के संदर्भ में कवरेज करने जा रहा था। उस पत्रकार को रास्ते में रोककर सालों तक जेल की सलाखों के पीछे रखा गया। अचरज की बात यह थी कि उसके बैंक अकाउंट में मौजूद मात्र 50,000 रुपए जैसी साधारण रकम को भी जांच का आधार बनाकर ईडी के दायरे में ला दिया गया। जम्मू कश्मीर की वादियों से लेकर मणिपुर तक ऐसे कई उदाहरण बिखरे पड़े हैं, जब जनता की वास्तविक आवाज बनने वाले पत्रकारों और प्रेस की आजादी को सरकार ने ताकत के बल पर कुचल दिया। उस वक्त आज न्याय मांगने वाले ये सारे चीयर लीडर एंकर खामोश बैठकर तमाशा देखते रहे।

Read More सिस्टम के छेद - कमीशन के बंगलों से लेकर सट्टेबाजों की सरपरस्ती तक

आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। जब आग अपने खुद के स्कर्ट में लग गई है, तो ये लोग चारो तरफ मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं। सत्ता के गुरुर में ये भूल गए कि पूरे देश में पेट्रोल छिड़कने का यंत्र वे खुद ही थे। वे उसी डंगाल (डाल) पर बैठकर मजे ले रहे थे, जिस डंगाल को वे जानबूझकर अपने ही हाथों से काट रहे थे। उस समय इन्हें यह बिल्कुल याद नहीं आया कि एक दिन हमारे ऊपर या हमारे खिलाफ भी कुछ हो सकता है और वक्त पलट भी सकता है।

आज सड़क पर जो आक्रोश दिख रहा है, वह उसी का नतीजा है। पुरानी कहावत है कि जैसी करनी वैसी भरनी। यह कहावत आज पूरी तरह से सही चरितार्थ हो रही है। दूसरों को आग में झोंकने वाले आज खुद उसी आंच में झुलस रहे हैं।

Tags:

Latest News

कुपवाड़ा में आतंकी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार! हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा पूर्व आतंकी गिरफ्तार, हथियार बरामद कुपवाड़ा में आतंकी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार! हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा पूर्व आतंकी गिरफ्तार, हथियार बरामद
गोलबाजार में दिनदहाड़े कारोबारी के बैग से 50 हजार पार! धमतरी से खरीदारी करने आया था व्यापारी, पुलिस ने शुरू की जांच
CG News: विकास के दावों के बीच मासूमों की प्यास का दर्द! स्कूल का हैंडपंप खराब, खेत-नाले का पानी पी रहे बच्चे
आरटीई पर चीफ जस्टिस सख्त, सरकार को 3 सप्ताह में देना होगा सीटों और दाखिल बच्चों का पूरा हिसाब  
मरीजों की सेहत से खिलवाड़ पर सख्ती! सिद्धार्थ हॉस्पिटल की फार्मेसी सील, एक्सपायरी इंजेक्शन मिलने पर लाइसेंस भी निलंबित
सत्य निकेतन PG हादसे में चौथी गिरफ्तारी, संचालक सुधांशु पकड़ा गया; आज कोर्ट में पेशी, जर्जर इमारत हटाने का काम शुरू
हाईवा से करता था वायर चोरी, 30 हजार के माल सहित आरोपी गिरफ्तार
जब सिस्टम नहीं बना सका रास्ता, ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान! चंदा जुटाया, श्रमदान किया और बना डाला आवागमन का रास्ता
दुर्ग-गोंदिया-नागपुर रेलखंड का महाप्रबंधक ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा, यात्रियों की सुविधाओं और सुरक्षित रेल परिचालन पर दिया जोर
बारिश ने खोल दी सड़क की पोल! नरदहा में गड्ढे बने आफत, बार-बार की मरम्मत से ग्रामीण परेशान
100 का प्रावधान, 345 आबादी पट्टे बांटने का दावा! आरंग की दरबा पंचायत में उठे सवाल, कलेक्टर से जांच की मांग
डिलीवरी बॉय को घेरा, थप्पड़-मुक्के बरसाए… दुर्ग में मारपीट का VIDEO वायरल, कांग्रेस नेता पर आरोप, FIR दर्ज